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Yogesh Mishra Siblings UPSC Story: बहनों को यूपीएससी सीएसई में फेल होते देख सॉफ्टवेयर इंजीनियर योगेश मिश्रा लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर घर लौट आए. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के साधारण परिवार के 4 सगे भाई-बहन एक-दूसरे के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर आईएएस-आईपीएस अफसर बन गए.
Yogesh Mishra Siblings UPSC Story: योगेश मिश्रा ने पहले अटेंप्ट में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली
नई दिल्ली (UPSC Story). घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत न हों लेकिन सपने आसमान छूने वाले हों तो सफलता का रास्ता कठिन लगता है. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कस्बे में रहने वाले अनिल मिश्रा ग्रामीण बैंक में मैनेजर थे. उनका परिवार 2 कमरों के मकान में रहता था. अनिल और उनकी पत्नी ने बच्चों पर कभी कोई मर्जी नहीं थोपी. उनके चारों बच्चों- योगेश, माधवी, लोकेश और क्षमा- ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हिंदी माध्यम के स्कूलों से की थी. जिंदगी आम थी, लेकिन इरादे बेहद मजबूत थे.
बहनों के लिए इंजीनियर भाई ने छोड़ दी लाखों की नौकरी
बहनों की असफलता के पीछे की असली वजह जानने के लिए योगेश ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी. योगेश मिश्रा ने 2013 में अपनी सिक्योर और हाई-फाई सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी. उनका मकसद साफ था- बहनों को गाइड करने के लिए वे खुद यूपीएससी का पेपर पैटर्न, सिलेबस और परीक्षा की नब्ज समझना चाहते थे. बिना किसी हिचकिचाहट के उन्होंने खुद भी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. साल 2013 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर आईएएस अधिकारी बन गए.
एक के बाद एक खुलती गई किस्मत की चाबी
आईएएस योगेश मिश्रा की सफलता ने पूरे परिवार में नई एनर्जी भर दी. उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान बनाए गए नोट्स, स्ट्रैटेजी और परीक्षा की बारीकियों को अपने भाई-बहनों के साथ शेयर किया. अब चारों भाई-बहन टीम की तरह मिलकर पढ़ाई करने लगे. योगेश मिश्रा का प्रयास रंग लाया और साल 2014 में उनकी बहन माधवी मिश्रा ऑल इंडिया रैंक 62 हासिल कर आईएएस अफसर बन गईं. इसके बाद तो जैसे सफलता का सिलसिला ही चल पड़ा.
2015 ने रचा इतिहास, छोटे भाई-बहन भी बने अफसर
साल 2015 का यूपीएससी सीएसई परिणाम इस परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था. छोटे भाई लोकेश मिश्रा यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 44 हासिल कर आईएएस अधिकारी बन गए. वहीं, उनकी छोटी बहन क्षमा मिश्रा ने ऑल इंडिया रैंक 172 के साथ परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी जगह पक्की की. इस तरह एक साधारण परिवार के चारों भाई-बहनों ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर देश में अनूठा इतिहास रच दिया. इसे ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज किया गया.