सवाई माधोपुर: रणथंभौर के बाघों में बीच वर्चस्व की जंग, मशहूर बाघ जय घायल, वन विभाग अलर्ट पर

सवाई माधोपुर: रणथंभौर के बाघों में बीच वर्चस्व की जंग, मशहूर बाघ जय घायल, वन विभाग अलर्ट पर


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सवाई माधोपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है. लेकिन इसके साथ ही उनके बीच वर्चस्व की जंग भी खतरनाक रूप लेती जा रही है. ताजा मामला रणथंभौर के जोन नंबर 6 का है, जहां इलाके पर कब्जे को लेकर हुई खूनी भिड़ंत में यहां का मशहूर और शक्तिशाली नर बाघ ‘जय’ (T-108) बुरी तरह घायल हो गया है. रणथंभौर के प्रसिद्ध नर बाघ जय के चेहरे पर संघर्ष के गहरे निशान मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया है.

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सवाई माधोपुर. रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के बीच इलाके पर कब्जे को लेकर वर्चस्व की जंग तेज होती नजर आ रही है. ताजा मामला जोन नंबर-6 का है, जहां रणथंभौर का मशहूर नर बाघ टी-108 जय घायल मिला है. बाघ के चेहरे और उसके आसपास चोट के निशान दिखाई दिए हैं.

संदेह है कि दूसरे नर बाघ के साथ इलाके को लेकर हुए संघर्ष में जय घायल हुआ है. इसके बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है और बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.

चेहरे पर चोट के निशान

बाघ टी-108 जय के चेहरे पर चोट के निशान मिलने के बाद वन विभाग उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी कर रहा है. रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीमें उसके मूवमेंट को ट्रैक कर रही हैं. वहीं, वन्यजीव अस्पताल की टीम भी बाघ की स्थिति पर नजर रख रही है और उसके स्वास्थ्य का आकलन कर रही है.

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के मुताबिक, वन विभाग की टीम बाघ जय की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है. उसकी सेहत में किसी भी तरह के बदलाव का पता लगाने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है. निगरानी के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बढ़ती बाघों की संख्या से बढ़ रही चुनौती

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के बीच इलाके को लेकर संघर्ष होना कोई नई बात नहीं है. बाघ अपने क्षेत्र पर अधिकार बनाए रखने के लिए दूसरे बाघों से भिड़ सकते हैं. लेकिन रणथंभौर में बाघों की बढ़ती संख्या के बीच ऐसे संघर्ष वन विभाग के लिए चुनौती बन रहे हैं.

टेरिटरी को लेकर होने वाली लड़ाई में बाघ घायल भी हो जाते हैं. ऐसे में वन विभाग के सामने बाघों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर निगरानी बनाए रखने की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

कौन है रणथंभौर का बाघ जय?

बाघ टी-108 को रणथंभौर में ‘जय’ के नाम से जाना जाता है. वह यहां का प्रसिद्ध नर बाघ है. उसकी टेरिटरी जोन-6 से जोन-10 तक बताई जाती है. जय, प्रसिद्ध बाघिन टी-8 लाडली और नर बाघ टी-34 कुंभा की संतान है. फिलहाल वन विभाग की नजर जय की सेहत और उसके मूवमेंट पर है. अब निगरानी के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर उसकी सुरक्षा और उपचार को लेकर आगे के कदम उठाए जाएंगे.



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