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5 fielders Most catches in test: टेस्ट क्रिकेट का मैदान केवल रनों की बरसात या घातक गेंदबाजी का गवाह नहीं होता, बल्कि यहां एक-एक कैच मैच का पासा पलट देता है. स्लिप हो या शॉर्ट लेग, मैदान पर हर एक सेकंड में चौकस रहना और गेंद को हाथों में थामना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स की पहचान रही है. टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा कैच लपकने वाले टॉप पांच खिलाड़ियों के ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं हैं, बल्कि उनके अटूट फोकस, बेजोड़ फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण की कहानी बयां करते हैं.
ऑस्ट्रेलियाई टीम के मॉडर्न क युग के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लपकने के मामले में टॉप पर हैं. साल 2010 से 2026 के बीच अपने शानदार करियर में उन्होंने 126 मैचों की 240 पारियों में कुल 221 कैच अपने नाम किए हैं. स्मिथ की यह उपलब्धि दर्शाती है कि वह सिर्फ क्रीज पर ही नहीं बल्कि मैदान पर फील्डिंग के दौरान भी कितने पैनी नजर रखते हैं.
स्टीव स्मिथ की फील्डिंग की सटीकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनका प्रति पारी कैच का औसत 0.92 का है, जो इस सूची में शामिल सभी खिलाड़ियों में सबसे बेहतरीन है. उन्होंने एक पारी में अधिकतम 5 कैच लपकने का करिश्मा भी किया है, जो स्लिप में उनके असाधारण रिफ्लेक्स और कमाल की एकाग्रता का प्रमाण है.
इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) ने साल 2012 से 2026 तक अपने लंबे और शानदार करियर में कुल 169 टेस्ट मैच खेले हैं. इन मुकाबलों की 323 पारियों में फील्डिंग करते हुए उन्होंने 220 कैच लपके हैं और स्मिथ से बेहद मामूली अंतर के साथ दूसरे पायदान पर मजबूती से टिके हुए हैं.
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एक के बाद एक कीर्तिमान अपने नाम करने के बाद जो रूट की निगाहें अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के एक और बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं. पोंटिंग ने अपनी घरेलू सरजमीं पर खेले 92 टेस्ट मैचों में कुल 7,578 रन बनाए थे. वहीं जो रूट अब तक घरेलू पिचों पर 7,542 से अधिक रन जुटा चुके हैं. पोंटिंग के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए रूट को अब केवल कुछ रनों की दरकार है, जिसे वह इसी सीरीज के दौरान पार कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के बेहद करीब हैं.
भारतीय क्रिकेट के दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने साल 1996 से 2012 के बीच अपने ऐतिहासिक करियर में टेस्ट क्रिकेट को अपनी सेवाएं दीं. 164 मैचों की 301 पारियों में फील्डिंग करते हुए उन्होंने कुल 210 कैच लपके और दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए स्लिप में एक दीवार साबित हुए.
राहुल द्रविड़ का प्रति पारी कैच का औसत 0.697 रहा है, जो यह साबित करता है कि वह टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद फील्डर्स में से एक थे. कुंबले, हरभजन या श्रीनाथ की गेंदबाजी के दौरान स्लिप में खड़े होकर द्रविड़ द्वारा पकड़े गए कैच आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में तरोताजा हैं.
श्रीलंका के महान बल्लेबाज महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) ने साल 1997 से 2014 के बीच अपने शानदार करियर में टेस्ट क्रिकेट में गहरी छाप छोड़ी. उन्होंने 149 मैचों की 270 पारियों में मैदान पर मुस्तैद रहते हुए कुल 205 कैच लपके और अपनी टीम की जीत में अहम योगदान दिया.
महेला जयवर्धने का प्रति पारी कैच का औसत 0.759 का रहा, जो यह बताता है कि श्रीलंकाई पिथ और परिस्थितियों में जब स्पिनर्स गेंदबाजी कर रहे होते थे, तब स्लिप या क्लोज़-इन पोजीशन में उनकी चौकसी कितनी घातक हुआ करती थी. उन्होंने एक पारी में अधिकतम 4 कैच भी लपके हैं.
दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर जैक्स कैलिस (Jacques Kallis) को क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडर्स में गिना जाता है, जिन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी कमाल किया. साल 1995 से 2013 के बीच 166 टेस्ट मैचों की 315 पारियों में उन्होंने कुल 200 कैच अपने नाम किए.
जैक्स कैलिस ने अपने लंबे और थकाऊ ऑलराउंड करियर के बावजूद मैदान पर कभी अपनी फील्डिंग का स्तर नीचे नहीं गिरने दिया. 200 कैच और 0.634 के औसत के साथ इस शीर्ष सूची में उनका शामिल होना यह साबित करता है कि वह क्रिकेट के मैदान पर हर मोर्चे पर अपनी टीम के लिए एक संपूर्ण खिलाड़ी थे.