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देशभर में शारदीय नवरात्रों की शुरुआत हो चुकी है. आज नवरात्रि का पहला दिन है. पहले दिन ही जगह-जगह मंदिरों में सुबह-सुबह ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच गए. प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. यहां हम आपको मध्य प्रदेश के 5 प्रमुख देवी मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी प्रसिद्धी पूरे देश में हैं. इनमें से 3 मंदिर तो शक्तिपीठ भी है.
नवरात्रि के पावन मौके पर हम आपको मध्य प्रदेश के 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं. इन देवी मां के इन मंदिरों की प्रसिद्धि देश और दुनिया में भी खूब है. दतिया से लेकर आगर मालवा तक मध्य प्रदेश के इन देवी मंदिरों की बहुत मान्यता है. कहा जाता है कि यहां मां के दर्शन मात्र से ही मनोकामना पूरी हो जाती है.
उज्जैन में शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही मां भगवती की आराधना का विशेष पर्व शुरू हो गया है. विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर में 9 दिनों तक आस्था, भक्ति और शक्ति की त्रिवेणी देखने को मिलेगी. मंदिर में घट स्थापना के साथ विशेष पूजन-अर्चन का दौर शुरू हो गया है. इन नौ दिनों में माता के मनमोहक श्रृंगार होंगे, नवचंडी पाठ और हवन किए जाएंगे. वहीं, मंदिर परिसर में स्थित 51 फीट ऊंचे दीप स्तंभों पर प्रज्वलित होने वाले 1011 दीप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. इसे देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि माता सती के शरीर के अंगों के पृथ्वी पर गिरने के दौरान यहां उनकी कोहनी गिरी थी, जिसके बाद यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित हुआ. हरसिद्धि माता को महाकवि कालिदास की आराध्य देवी भी माना जाता है. महाकाल और हरसिद्धि मंदिर की निकटता के कारण इस धार्मिक क्षेत्र को शिव और शक्ति की उपासना के विशेष संगम के रूप में देखा जाता है. यही वजह है कि नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
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शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दतिया स्थित देवी पीतांबरा मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है. श्रद्धालू सुबह 5 बजे से लगातार पीतांबरा मंदिर में पहुंच रहे हैं. यहां भी देश के कोने-कोने से साधक आते हैं. यह भी एक शक्ति पीठ है. इसे महाभारत काल का मंदिर बताया जाता है.
आगर मालवा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में वैसे तो साल भर श्रद्धालू आते रहते हैं. नवरात्रों में इसकी महत्व हो बढ़ जाता है. नवरात्रि पर मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मां बगलामुखी के दरबार में सुबह से भक्तिमय माहौल है.
मां बगलामुखी मंदिर द्वापर युग का माना जाता है. इसकी बहुत ही चमत्कारिक मान्यता है. नलखेड़ा में लखुन्दर नदी के किनारे स्थित है. मंदिर में तीन मुखों वाली त्रिशक्ति बगलामुखी देवी की पूजा होती है.
मैहर स्थित मां शारदा मंदिर एक शक्तिपीठ है. इसकी सिर्फ मैहर ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश और देश-विदेश भी मान्यता है. यहां दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं. यह शक्तिपीठ त्रिकुट पर्वत पर स्थित हैं. मां के दर्शन के लिए 1000 सीढ़ियां चढ़कर या रोपवे के जरिए जाना होता है.
भोपाल से लगभग 70 किलोमीटर दूर विंध्यवासनी बीजासन देवी मंदिर है, जो बहुत प्राचीन है. यह पवित्र सिद्धपीठ सलकनपुर गांव में एक 800 फुट ऊंची पहाड़ी पर है. हर नवरात्रि को यहां मेला आयोजित किया जाता है. (फोटो साभारः फेसबुक @religioustrustsdeptmp)