‘इंसान जिए तो जिए कैसे?’, मयूर विहार-1 में नलों से आ रहा नाले जैसा काला पानी, सोशल मीडिया पर भड़की महिला


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‘इंसान जिए तो जिए कैसे?’, मयूर विहार-1 में नलों से आ रहा नाले जैसा काला पानी

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दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 में नलों से काला पानी आने की शिकायत सोशल मीडिया पर सामने आई है. राखी त्रिपाठी नाम की एक यूजर ने X पर पोस्ट कर दावा किया कि इलाके में पिछले दो दिनों से नाले जैसा काला पानी आ रहा है. उनका कहना है कि पहले भी पानी गंदा आता था लेकिन सुबह-शाम कुछ देर साफ पानी मिल जाता था. अब वह भी नहीं मिल रहा. महिला ने सवाल उठाया कि लोग ऐसे पानी से नहाएं या रोजमर्रा के दूसरे काम कैसे करें? उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड से जवाब मांगा है. हालांकि पानी के दूषित होने की वजह की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.

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'इंसान जिए तो जिए कैसे?', मयूर विहार-1 में नलों से आ रहा नाले जैसा काला पानीZoom

दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 में नलों से काला पानी आने का दावा करते हुए राखी तिवारी ने X पर शिकायत की है. (फोटो X/ @RakhiTr58279943)

दिल्ली में साफ पानी को लेकर अकसर बहस होती रहती है. गर्मी में पानी की किल्लत भी हो जाती है. इस बार गंदे पानी की शिकायत मयूर विहार फेज 1 से आ रही है. राखी त्रिपाठी नाम की एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया है कि इलाके में पिछले दो दिनों से नलों में बिल्कुल काला पानी आ रहा है. महिला का कहना है कि पहले भी पानी गंदा आता था. फिर भी सुबह और शाम कुछ देर साफ पानी मिल जाता था. अब वह राहत भी खत्म हो गई है. ऐसे में लोग पीने के पानी की बात तो दूर नहाने और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए भी परेशान हैं. महिला ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि आखिर आम लोग इस तरह की स्थिति में कैसे रहें? उनकी नाराजगी दिल्ली जल बोर्ड को लेकर है.

राखी त्रिपाठी ने अपनी पोस्ट में पानी की क्वालिटी और उससे होने वाले संभावित नुकसान पर भी चिंता जताई है. उनका कहना है कि जिस पानी को देखकर ही लोग परेशान हो जाएं उसका इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों में कैसे किया जा सकता है? उन्होंने पूछा कि पानी में कितने कीटाणु हैं और इससे कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा हो सकता है. महिला ने दिल्ली जल बोर्ड से जवाब मांगा है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अब लोगों को नहाने और दूसरे जरूरी कामों के लिए भी बोतल या कैन का पानी खरीदना पड़ेगा? हालांकि पोस्ट में लगाए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पानी की जांच रिपोर्ट और दिल्ली जल बोर्ड की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है.
राखी त्रिपाठी का X पोस्ट.

‘साफ पानी तो छोड़िए अब रोजमर्रा के काम भी मुश्किल’

राखी त्रिपाठी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मयूर विहार फेज-1 में पहले से ही गंदे पानी की समस्या थी. इसके बावजूद सुबह और शाम कुछ समय के लिए साफ पानी मिल जाता था. अब उनके मुताबिक वह भी बंद हो गया है. महिला ने सवाल उठाया कि अगर नलों से ऐसा पानी आएगा तो लोग घर के जरूरी काम कैसे करेंगे. उन्होंने साफ पानी को सुविधा नहीं बल्कि जीवन की बुनियादी जरूरत बताया.

दिल्ली जल बोर्ड से मांगा जवाब

महिला ने दिल्ली जल बोर्ड को टैग करते हुए पूछा है कि लोगों के घरों तक काला पानी क्यों पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि विभाग को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए. पोस्ट में रखरखाव के काम को भी संभावित बहाने के तौर पर खारिज किया गया है. हालांकि पानी गंदा आने की वास्तविक वजह क्या है इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.

गंदे पानी से सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर पानी सीवेज या दूसरे दूषित स्रोतों से मिल गया हो तो उसमें बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीव हो सकते हैं. ऐसा पानी पीने से दस्त और पेट के संक्रमण जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए पानी का रंग या गंध असामान्य होने पर उसे पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. केवल उबालना हर तरह के रासायनिक प्रदूषण को दूर नहीं करता. ऐसे में संबंधित विभाग से पानी की जांच और सुरक्षित आपूर्ति की जानकारी लेना जरूरी है.

अब लोगों को किस बात का इंतजार?

मयूर विहार फेज-1 में पानी की समस्या को लेकर उठाई गई शिकायत के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि पानी दूषित होने की वजह क्या है. क्या पाइपलाइन में गड़बड़ी है या कोई दूसरी समस्या है? इसका जवाब जांच के बाद ही मिल सकता है. फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड की प्रतिक्रिया और प्रभावित इलाके में पानी की क्वालिटी को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.



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