Last Updated:
Shajapur News: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों की फसलों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है. दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम और मध्य प्रदेश वन विभाग ने बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद से पहले चरण में 100 हिरणों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है.
शाजापुर में हेलीकॉप्टर से हांके गए हिरण.
शाजापुर: जिले में वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने का एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. यह कार्रवाई जिले के पोलाय कलां और हन्नूखेड़ी क्षेत्र में की जा रही है. यहां हेलीकॉप्टर की मदद से हांका लगाकर हिरणों को सुरक्षित पकड़ा जा रहा है. अभियान के पहले चरण में 100 हिरणों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है.
इसलिए शुरू किया ये अभियान
यह पूरा अभियान किसानों को फसलों के नुकसान से बचाने के लिए शुरू किया गया है. साथ ही वन्य प्राणियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना भी इसका मुख्य लक्ष्य है. इस क्षेत्र में मौजूद हिरणों और नीलगायों को रेस्क्यू करने के बाद दूसरे सुरक्षित स्थानों पर ट्रांसलोकेट किया जाएगा.
साउथ अफ्रीका के 14 विशेषज्ञ और 200 कर्मचारियों की तैनाती
इस रेस्क्यू अभियान को वन विभाग और दक्षिण अफ्रीका से आई ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशन’ टीम मिलकर चला रही है. दक्षिण अफ्रीका की इस टीम में 14 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं जो इस तकनीक में माहिर हैं. अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मौके पर वन विभाग, राजस्व और पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात हैं. इसके अतिरिक्त भोपाल और अन्य जिलों से पहुंचे लगभग 200 कर्मचारी भी इस अभियान में अपना सहयोग दे रहे हैं.
कैसे काम करती है ‘बोमा तकनीक’?
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दक्षिण अफ्रीका की प्रसिद्ध ‘बोमा तकनीक’ का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में सबसे पहले हेलीकॉप्टर की मदद से वन्यजीवों का हांका लगाया जाता है. जानवरों को एक निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाया जाता है. इसके बाद वन्यजीवों को कपड़े से बनी ‘वी’ (V) आकार की दीवार और सुरक्षित घेरे की ओर भेजा जाता है. घेरे की बनावट इस तरह की होती है कि जानवरों को नियंत्रित तरीके से भीतर लाया जा सके और बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ा जा सके. इस पूरी प्रक्रिया में विशेषज्ञों की सख्त निगरानी रहती है, जिससे जानवरों को किसी भी तरह का तनाव या चोट न पहुंचे.
देश में पिछले साल शुरू हुआ था यह प्रयोग
वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने की इस तकनीक में दक्षिण अफ्रीका की टीम विशेषज्ञ मानी जाती है. भारत में पहली बार इस बोमा पद्धति से वन्यजीवों को पकड़ने का अभियान पिछले साल शुरू किया गया था. शाजापुर जिले में चल रहे इस अभियान के अगले चरण में अभी और हिरणों तथा नीलगायों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा.