Last Updated:
Bhopal News: भोपाल में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता की मांग को लेकर महिला समूहों ने एक पैदल मार्च निकाला. भारत भवन से वन विहार गेट तक निकाले गए इस मार्च में महिलाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा, पुलिस पेट्रोलिंग और सोच बदलने का संदेश दिया.
भोपाल में बड़ा तलाब के किनारे प्रदर्शन.
रिपोर्ट: रमाकांत दुबे
भोपाल में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता को लेकर महिला समूहों ने एक बड़ा कदम उठाया है. राजधानी के बड़े तालाब के किनारे जुटी महिलाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर अपनी आजादी और सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद की. इस दौरान भोपाल की बेटियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘मेरी इज्जत मेरी मर्जी’.
भारत भवन से वन विहार गेट तक पैदल मार्च
इस अभियान की शुरुआत भारत भवन में आयोजित एक एकजुटता बैठक से हुई. बैठक के बाद महिला समूहों ने भारत भवन से वन विहार गेट तक एक पैदल मार्च निकाला. इस मार्च का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना और उन्हें सुरक्षा दिए जाने की मांग करना था.
मार्च में गूंजे ये नारे
पैदल मार्च के दौरान महिलाओं ने कई ध्यान खींचने वाले नारे लगाए. इनमें ‘एक कचौरी-दो समोसा’, ‘रानी बेटी के कपड़े नहीं, राजा बेटा सोच बदलो’, ‘स्त्री आज ही आएगी, अपनी मर्जी से आएगी’, जैसे नारे शामिल थे. इन नारों के जरिए यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की आजादी पर पाबंदियां लगाने के बजाय समाज और लड़कों की मानसिकता में बदलाव लाया जाए.
प्रशासन से की गईं मुख्य मांगें
महिला समूहों ने मार्च के माध्यम से प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं:
– सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए.
– पिंक बूथों की संख्या में इजाफा किया जाए.
– गर्ल्स कॉलेजों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं.
– गर्ल्स कॉलेजों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.
– महिलाओं की आजादी पर रोक लगाने के बजाय लड़कों की सोच बदली जाए.
समान अधिकार और स्वतंत्रता का संदेश
इस पैदल मार्च के जरिए महिलाओं ने सुरक्षा, समान अधिकार और अपनी मर्जी से सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद रहने की स्वतंत्रता का संदेश दिया. बड़ा तालाब के पास एकजुट हुई बेटियों ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल पाना उनका अधिकार है.