‘पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं थे’, तंगहाली के दिनों पर नाना पाटेकर का जब छलका दर्द, कहा- वो कसक आज भी चुभती है


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अपनी बेहतरीन अदाकारी और दमदार डायलॉग डिलीवरी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. वह अपने पीछे अभिनय की एक ऐसी अमिट विरासत छोड़ गए हैं, जो हमेशा याद रहेगी. लेकिन स्टारडम और शोहरत की इस चमक के पीछे उनका शुरुआती जीवन बहुत संघर्षों से भरा था. एक इंटरव्यू में नाना ने बताया था कि उनके पास अच्छे अस्पताल में पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं थे.

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'पिता के इलाज के लिए पैसे नहीं थे', नाना पाटेकर का जब छलका दर्दZoom

पैसों की तंगी की वजह से नाना पाटेकर के पिता को नहीं मिल पाया था अच्छा इलाज. (फोटो साभार: IMDb)

नई दिल्ली. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर 8 अक्टूबर को इस दुनिया को छोड़कर चले गए. उनके निधन पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के तमम बड़े सितारों ने शोक व्यक्त किया. नाना पाटेकर बेबाक इंसान थे और अक्सर अपनी जिंदगी के दर्दनाक अनुभवों को भी खुलकर साझा करते थे. ऐसा ही एक बेहद भावुक किस्सा उन्होंने अपने पिता से जुड़ा सुनाया था. उन्होंने बताया था कि कैसे एक दौर ऐसा भी था, जब तंगहाली के चलते उनके पास अपने बीमार पिता का इलाज कराने तक के पैसे नहीं थे और उन्होंने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया था.

अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए नाना पाटेकर ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फिल्मों में आने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे सुधरी थी और उन्होंने खूब पैसा कमाना शुरू कर दिया था. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि ‘जब मेरे पिता बीमार पड़े, तो मेरे पास उनके इलाज के पैसे नहीं थे और अस्पताल में उनकी मौत हो गई.’

अस्पताल में चल रहा था नाना पाटेकर के पिता का इलाज

नाना ने उस मुश्किल दौर को भी याद किया जब उनके पिता अस्पताल में भर्ती थे और उन्हें अपने एक दोस्त के साथ अस्पताल के बाहर रातें गुजारनी पड़ती थीं. रात में अंदर रुकने की इजाजत न होने पर दोनों सीढ़ियों या फुटपाथ पर बैठ जाते थे और अपने पिता की सेहत की कोई भी खबर मिलने के इंतजार में बेचैन होकर अंताक्षरी खेलते थे.

अच्छे अस्पताल में इलाज के लिए नाना पाटेकर के पास नहीं थे पैसे

पुरानी यादों में खोते हुए नाना ने इस बात का गहरा अफसोस जताया था कि उनके पास उस वक्त इतने पैसे नहीं थे कि वह अपने पिता का किसी अच्छे अस्पताल में इलाज करवा पाते. करियर में चाहे उन्होंने कितनी भी शोहरत और कामयाबी हासिल कर ली हो, लेकिन अपने आखिरी वक्त में पिता की मदद न कर पाने का यह दर्द हमेशा उनके दिल में चुभता रहा.

पैसों की तंगी के चलते पिता को नहीं मिला सही इलाज

इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया कि, ‘अगर तब मेरे पास पैसे होते, तो मैं उनका इलाज किसी बेहतर अस्पताल में करवा पाता और उन्हें अच्छी दवाइयां दिला सकता था. लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं कर सका. वह कसक, वह गिल्ट हमेशा आपके साथ रहता है. आज भी जब मैं उन दिनों को याद करता हूं, तो मेरी आंखें भर आती हैं.’



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