Stock vs Mutual Fund : शेयरों के नुकसान की भरपाई म्यूचुअल फंड के फायदे से कर सकते हैं क्या, जान लें टैक्स का यह फंडा


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Stock vs Mutual Fund : निवेशक आजकल शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड दोनों में ही पैसे लगाते हैं. लेकिन, क्या आपको पता है कि अगर स्टॉक्स बेचने पर नुकसान हो जाए तो इसकी भरपाई फंड से होने वाले मुनाफे के साथ की जा सकती है. टैक्स से जुड़े कानून कहते हैं कि अगर आपको किसी साल में नुकसान हुआ है तो इसका समायोजन अगले 8 साल तक किया जा सकता है.

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शेयरों के नुकसान की भरपाई म्यूचुअल फंड के फायदे से कर सकते हैं क्या?Zoom

शेयरों पर हुए नुकसान की भरपाई म्यूचुअल फंड के मुनाफे से की जा सकती है.

नई दिल्ली. शेयर बाजार में आजकल काफी उतार-चढ़ाव है और कई निवेशकों को इसमें नुकसान भी हुआ है. दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड इस दबाव में भी स्थिर रिटर्न दे रहा है. अगर आप स्टॉक और फंड दोनों में निवेश करते हैं तो क्या एक के नुकसान की भरपाई को दूसरे के साथ समायोजित किया जा सकता है. कहने का मतलब है कि स्टॉक्स के कैपिटल लॉस की भरपाई क्या फंड के कैपिटल गेन के साथ कर सकते हैं.

दरअसल, कैपिटल गेन से जुड़े टैक्स के नियम साफ कहते हैं कि अगर आपने शॉर्ट टर्म कैपिटल लॉस किया है तो इसकी भरपाई शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन दोनों से की जा सकती है. लेकिन, अगर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस हुआ है तो इसकी भरपाई सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के साथ की जा सकती है. इसका मतलब है कि आप शेयर और फंड के बीच नुकसान और फायदे की भरपाई आपस में कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है.

कब कर सकते हैं दोनों में भरपाई
कैपिटल गेन टैक्स के नियम कहते हैं कि आप लिस्टेड कंपनियों के शेयरों पर हुए नुकसान की भरपाई को सिर्फ इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड से की जा सकती है. जब कोई फंड अपने कुल एसेट का 60 फीसदी कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है तो वह इक्विटी म्यूचुअल फंड कहा जाता है. हालांकि, बाकी का पैसा डेट व सिक्योरिटीज में निवेश किया जा सकता है. तमाम निवेशक अपने घाटे वाले शेयरों को बेचकर उससे हुए नुकसान की भरपाई अन्य मुनाफे के साथ करते हैं.

कैसे काम करता है यह कानून
मान लीजिए कि आपने इक्विटी वाले फंड बेचकर 1 लाख रुपये का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन हासिल किया है तो आपको इस पर 20 फीसदी यानी करीब 20 हजार रुपये का टैक्स चुकाना होगा. इसपर सरचार्ज और सेस भी देना पड़ेगा. अब मान लीजिए कि आपने शॉर्ट टर्म के निवेश पर शेयरों में 80 हजार रुपये का घाटा भी सहा है, तो आप इस घाटे को अपने फंड के मुनाफे के साथ समायोजित कर सकते हैं. इससे आपके मुनाफे पर लगने वाला टैक्स घाटे में बदल जाएगा और देनदारी शून्य हो जाएगी.

कैरी फॉरवर्ड भी कर सकते हैं घाटा
इनकम टैक्स के कानून काफी दिलचस्प हैं और निवेशक को अपना घाटा 8 साल तक समायोजित करने का मौका देते हैं. अगर आपको साल 2026 में शेयर बाजार में नुकसान हुआ है तो इसे अगले 8 साल तक यानी 2034 तक बाजार में होने वाले मुनाफे के साथ समायोजित कर सकते हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना चाहिए आप अपने मुनाफे को तभी तक समायोजित कर सकते हैं, जब तक आपको हुए नुकसान की राशि पूरी नहीं हो जाती. अगर आपको 50 हजार का नुकसान हुआ और अगले साल ही 50 हजार का मुनाफा हो गया तो फिर अगले 7 साल तक इसका समायोजन नहीं किया जा सकता है.



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