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Gharsara farmer Protest And Demand : श्रीगंगानगर के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का 31 दिनों से आंदोलन जारी है. RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने किसान सभा को संबोधित करते हुए सरकार को अल्टीमेटम दिया और समाधान न निकलने पर कूच करने की चेचतावनी दी. उन्होंने साफ-साफ किया कि तय समय तक समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. बेनीवाल ने चक्का-जाम करने का ऐलान भी किया. इसके साथ ही उन्होंने बड़ी तादाद में किसानों के साथ श्रीगंगानगर की तरफ कूच करने की घोषणा की है.
किसान आंदोलन के बीच हनुमान बेनीवाल की एंट्री
श्रीगंगानगर. सिंचाई पानी की मांग को लेकर घड़साना में चल रहा किसान आंदोलन अब और तेज होता नजर आ रहा है. पिछले 31 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हजारों किसान शनिवार को घड़साना की धानमंडी में जुटे. यहां आयोजित विशाल किसान सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भी शामिल होने पहुंचे. उनके पहुंचने के साथ ही आंदोलन में सियासी हलचल भी बढ़ गई.
खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में किसान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी देने की मांग उठा रहे हैं. सभा में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई. साथ ही आंदोलन को आगे किस दिशा में ले जाना है, इस पर भी सबकी निगाहें टिकी रहीं.
रात 9:30 बजे तक का अल्टीमेटम
किसान सभा को संबोधित करते हुए हनुमान बेनीवाल ने सिंचाई पानी और किसान से जुड़े के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों का एक सही और सटीक समाधान निकाला जाना चाहिए. बेनीवाल ने सरकार और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने साफ-साफ किया कि तय समय तक समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. बेनीवाल ने चक्का-जाम करने का ऐलान भी किया. इसके साथ ही उन्होंने बड़ी तादाद में किसानों के साथ श्रीगंगानगर की तरफ कूच करने की घोषणा की है. अब किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत या किसी फैसले को लेकर आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजर है. रात 9:30 बजे तक समाधान नहीं निकलने की स्थिति में आंदोलन का अगला कदम क्या होगा, यह भी अहम रहेगा.
31 दिन से पानी के लिए संघर्ष कर रहे किसान
घड़साना क्षेत्र में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसान पिछले 31 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं. किसानों का कहना है कि सिंचाई पानी का मुद्दा उनके खेतों और खेती से जुड़ा है, इसलिए इसका समाधान जल्द होना चाहिए. शनिवार को धानमंडी में हजारों किसानों की मौजूदगी से सभा स्थल पर काफी हलचल रही. दूर-दूर से किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे. हनुमान बेनीवाल के आने से किसानों को अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक समर्थन भी मिला है.
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
किसान सभा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और बेनीवाल की ओर से गंगानगर कूच का ऐलान किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है. आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. प्रशासन की नजर सभा और आंदोलन की गतिविधियों पर बनी हुई है. चक्का-जाम और किसानों के कूच के ऐलान को देखते हुए आगे की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है. यदि रात तक कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन का दायरा बढ़ सकता है. ऐसे में प्रशासन के सामने किसानों की मांगों पर बातचीत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी.
अब आगे की रणनीति पर टिकी नजरें
घड़साना की धानमंडी में हुई किसान सभा के बाद अब सभी की नजरें आंदोलन के अगले कदम पर हैं. किसान सिंचाई पानी की मांग पर समाधान चाहते हैं, जबकि हनुमान बेनीवाल ने भी सरकार को समय सीमा देते हुए आगे के आंदोलन का ऐलान किया है. फिलहाल हजारों किसान सभा स्थल पर मौजूद हैं और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है. रात 9:30 बजे तक सरकार या प्रशासन की तरफ से क्या कदम उठाया जाता है, इससे आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है.