टेस्ट में सबसे ज्यादा लगातार 400 से ज्यादा का स्कोर बनाने वाली 5 टीमें
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5 teams most consecutive innings of over 400 in test: टेस्ट क्रिकेट इतिहास में लगातार 400 से जयादा रन बनाना किसी भी टीम के दबदबे को दर्शाता है. इस मामले में भारतीय क्रिकेट टीम के नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज है, जिसने 1986 से 1987 के बीच लगातार 6 टेस्ट पारियों में 400 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया था. इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई टीम ने डॉन ब्रैडमैन के दौर (1937-38) और स्टीव वॉ की कप्तानी (2003) में लगातार 5 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की.
टेस्ट की एक पारी में लगातार सबसे ज्यादा बार 400 से ज्यादा स्कोर का विश्व रिकॉर्ड भारत के नाम है.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के लंबे और स्वर्णिम इतिहास में बड़ी पारियां खेलना किसी भी टीम के प्रभुत्व और उसके बल्लेबाजों की क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है. जब कोई टीम किसी एक पारी में 400 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाती है, तो वह मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना लेती है. लेकिन लगातार कई पारियों में 400 से ज्यादा रन बनाना एक असाधारण उपलब्धि है. टेस्ट इतिहास में कुछ ऐसी ही यादगार सीरीजऔर दौर देखने को मिले हैं, जब टीमों के बल्लेबाजों ने रनों का अंबार लगा दिया और लगातार पारियों में 400 का आंकड़ा पार करके इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया.
इस मामले में विश्व रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के नाम दर्ज है. भारत ने साल 1986 से 1987 के बीच लगातार छह टेस्ट पारियों में 400 से अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था. इस शानदार सिलसिले की शुरुआत 15 अक्टूबर 1986 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच से हुई थी, जहां भारत ने दूसरी पारी में 517/5 का विशाल स्कोर बनाकर पारी घोषित की थी. इसके बाद श्रीलंकाई टीम भारत के दौरे पर आई और भारतीय बल्लेबाजों ने मेहमान गेंदबाजों पर कोई तरस नहीं खाया. 17 दिसंबर 1986 को कानपुर टेस्ट में भारत ने 676/7 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया. इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 27 दिसंबर को नागपुर में भारत ने अपनी पहली ही पारी में 451/6 रन बनाकर पारी घोषित की. नए साल की शुरुआत में 4 जनवरी 1987 को कटक टेस्ट की पहली पारी में भारत ने ठीक 400 रन बनाए. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में 3 फरवरी 1987 को भारत ने 527/9 का विशाल स्कोर बनाया और 11 फरवरी 1987 को ईडन गार्डन्स कोलकाता में पाकिस्तान के खिलाफ ही 403 रन बनाकर लगातार छह पारियों में 400 से ज्यादा स्कोर का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड पूरा किया.
डॉन ब्रैडमैन के युग में ऑस्ट्रेलिया का पहला कमाल
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी टेस्ट इतिहास में दो बार लगातार पांच पारियों में 400 से अधिक का स्कोर बनाने का कारनामा किया है. पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम ने डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) के युग में 1937 और 1938 के दौरान यह कारनामा किया था. 29 जनवरी 1937 को एडिलेड में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरी पारी में 433 रन बनाने के बाद, ऑस्ट्रेलिया ने अगले मैच में 26 फरवरी 1937 को मेलबर्न में 604 रन बनाए. इसके बाद 10 जून 1938 को नॉटिंघम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने एक ही मैच की दोनों पारियों में क्रमश: 411 और 427/6 रन बनाए. फिर 24 जून 1938 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 422 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया ने लगातार पांच पारियों में 400+ रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज किया.
स्टीव वॉ की कप्तानी में दोहराया गया इतिहास
कई दशकों बाद, 2003 में स्टीव वॉ की अगुआई वाली शक्तिशाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एक बार फिर लगातार पांच पारियों में 400 का आंकड़ा पार करके इस उपलब्धि को दोहराया. इसकी शुरुआत 9 मई 2003 को सेंट जॉन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ 417 रनों की पारी से हुई. इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में 18 जुलाई 2003 को ऑस्ट्रेलिया ने 407/7 और केर्न्स में 25 जुलाई को 556/4 रन बनाए. जिम्बाब्वे के खिलाफ पर्थ (WACA) में 9 अक्टूबर 2003 को मैथ्यू हेडन के 380 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 735/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर 17 अक्टूबर 2003 को सिडनी में 403 रन बनाकर अपनी पांचवीं लगातार 400+ पारी पूरी की.
साल 2009 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन
भारतीय टीम ने साल 2009 में एक बार फिर लगातार पांच पारियों में 400 से अधिक रन बनाने का प्रदर्शन दोहराया. 3 अप्रैल 2009 को वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 434/7 रन बनाने के बाद, भारत ने श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में रन वर्षा कर दी. 16 नवंबर 2009 को अहमदाबाद टेस्ट की दोनों पारियों में भारत ने क्रमश: 426 और 412/4 रन बनाए. इसके बाद 24 नवंबर को कानपुर में भारत ने 642 रन बनाए और 2 दिसंबर 2009 को मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 726/9 का विशाल स्कोर बनाकर श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया.
साल 1983 में ऑस्ट्रेलिया का चार पारियों का दबदबा
इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने 1983 में भी लगातार चार पारियों में 400 से ज्यादा रन बनाने का कमाल दिखाया था. इसकी शुरुआत 22 अप्रैल 1983 को कैंडी में श्रीलंका के खिलाफ 514/4 रन बनाकर हुई थी. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ पर्थ में 11 नवंबर 1983 को 436/9, ब्रिस्बेन में 25 नवंबर को 509/7 और एडिलेड में 9 दिसंबर 1983 को 465 रन बनाकर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार चार पारियों में 400 रन का आंकड़ा छुआ था.