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Rajgarh News: भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की फॉर्च्यूनर कार से एक बाइक की टक्कर हो गई. इसमें बाइक सवार पिता की मौत हो गई है, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना में विधायक अमर सिंह ने गहरा दुख जताया है और उन्होंने खुद घायलों को अस्पताल पहुंचाया था. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.
विधायक अमर सिंह यादव की कार से टकराई बाइक
Amar Singh Yadav: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुरावर से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की फॉर्च्यूनर कार से एक बाइक की टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार बेटे और पापा बुरी तरह से घायल हो गए. इसके बाद हादसे के बाद एक मानवीय और संवेदनशील पहलू भी देखने को मिला. दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद भाजपा विधायक अमर सिंह यादव ने मानवता का परिचय देते हुए खुद पहल की और घायलों को तुरंत पीलूखेड़ी के एक निजी अस्पताल पहुंचाया. इसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वह स्वयं उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल लेकर गए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान पिता की सांसें थम गईं.
हादसे में पिता राघवेंद्र विश्वकर्मा की हुई मौत
इस दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुए मृतक राघवेंद्र विश्वकर्मा (उम्र 42 वर्ष) कुरावर की रेजिडेंसी कॉलोनी के निवासी थे और पीलूखेड़ी स्थित एचपीसीएल (HPCL) कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे थे. इस दुर्घटना में उनके साथ मौजूद उनका 11 साल का बेटा लक्ष्य भी बुरी तरह घायल हुआ है. नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.
विधायक की जब्त कर ली गाड़ी
टीआई जितेंद्र मावई ने बताया कि विधायक की गाड़ी जब्त कर ली गई है. वहीं, विधायक के ड्राइवर के खलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. हादसे का एक वीडियो भी आमने आया है जिसमें विधायक यादव घायल बच्चे को गोद में सड़क पर चलते नजर आ रहे हैं.
पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले के वास्तविक कारणों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है. हाईवे पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात के नियमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
कौन हैं अमर सिंह यादव?
अमर सिंह यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और वह राजगढ़ में काफी सक्रिय हैं. सबसे पहले वह साल 2013 में राजगढ़ में बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे. इसके बाद साल 2018 में उन्हें कांग्रेस के बापू सिंह तंवर से हार का मुंह देखना पड़ा था. लेकिन वह लगातार जनसंपर्क और दूसरे माध्यम जनता से जुड़े और क्षेत्र में सक्रिय रहे. इसका फायदा उन्हें साल 2023 के चुनाव में मिला और वह जीतकर विधानसभा पहुंचे.
(रिपोर्ट-राहुल)