Deepak Babaria Death: हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया का निधन, पार्टी में निभाई थी अहम जिम्मेदारी


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Deepak Babaria Death News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया का निधन हो गया है. वह हरियाणा और मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके थे. अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उन्होंने खराब स्वास्थ्य और नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए पद छोड़ने की पेशकश की थी.

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हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया का निधनZoom

दीपक बाबरिया की तस्वीर (photo: Social Media)

हरियाणा: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व पार्टी प्रभारी दीपक बाबरिया का शनिवार, 10 अक्टूबर को निधन हो गया. उनके निधन की खबर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक है. बाबरिया हरियाणा के साथ मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके थे. हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान वह पार्टी के संगठन से जुड़े अहम फैसलों में शामिल रहे थे.

दीपक बाबरिया कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्हें पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठन को संभालने की जिम्मेदारी दी थी. जून 2023 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें हरियाणा और दिल्ली का प्रभारी नियुक्त किया था. इस जिम्मेदारी के साथ उन्हें दोनों क्षेत्रों में पार्टी के संगठन और नेताओं के बीच तालमेल बनाने का काम सौंपा गया था.

हरियाणा और मध्य प्रदेश में संभाली पार्टी की जिम्मेदारी
दीपक बाबरिया मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस के प्रभारी रह चुके थे. कांग्रेस संगठन में काम करने के दौरान उन्होंने अलग-अलग राज्यों में पार्टी की गतिविधियों और नेताओं के साथ तालमेल बनाने की जिम्मेदारी निभाई. हरियाणा में प्रभारी रहते हुए वह पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठन से जुड़े मामलों में सक्रिय रहे.

जून 2023 में हरियाणा और दिल्ली का प्रभारी बनाए जाने के बाद उनकी भूमिका दोनों क्षेत्रों में पार्टी के कामकाज को आगे बढ़ाने की थी. कांग्रेस में राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी अहम मानी जाती है, क्योंकि उन्हें प्रदेश नेतृत्व और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल बनाकर काम करना होता है.

खराब स्वास्थ्य के चलते पद छोड़ने की पेशकश की थी
दीपक बाबरिया ने अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी. उन्होंने इसकी वजह खराब स्वास्थ्य और चुनावी नतीजों की नैतिक जिम्मेदारी को बताया था. हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत नहीं मिल सकी थी. इसके बाद बाबरिया ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि उनकी जगह किसी दूसरे नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है. उन्होंने इस फैसले को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया था.

कांग्रेस संगठन में रहा लंबा अनुभव
दीपक बाबरिया का नाम कांग्रेस संगठन में काम करने वाले नेताओं में लिया जाता था. अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारी मिलने के कारण उन्हें पार्टी के संगठनात्मक कामकाज का अनुभव था. हरियाणा और मध्य प्रदेश में उनकी भूमिका के चलते वह कांग्रेस की राज्य स्तरीय राजनीति में भी चर्चा में रहे.



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