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Motihari News: अगर आप आइसक्रीम के शौकीन हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए, क्योंकि हमारी यह खबर आपके लिए ही है. यहां एक स्कूल के आगे बिक रहा आइसक्रीम मुंह में लगाते ही होंठ सट गए और आइसक्रीम खींचने पर खून आने लगा. मामला हरसिद्धि थाना क्षेत्र से आया है, जहां आइसक्रीम खाने से करीब आधा दर्जन स्कूली बच्चे बीमार हो गए हैं. सवाल यह कि क्या आइसक्रीम के नाम पर जहर बिक रहा है? पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.
मोतिहारी में आइसक्रीम खाने से आधा दर्जन बच्चे बीमार, होंठ चिपके और खून निकले
मोतिहारी. बिहार के मोतिहारी में स्कूल के बाहर बिक रही आइसक्रीम खाने के बाद करीब आधा दर्जन बच्चे बीमार पड़ गए. बच्चों ने जैसे ही आइसक्रीम मुंह में रखी, उनके होंठ आपस में चिपकने लगे. आइसक्रीम हटाने की कोशिश में एक बच्चे के होंठ से खून निकलने की बात भी सामने आई है. घटना के बाद बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने आइसक्रीम बेचने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
यह मामला पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के गायघाट हाईस्कूल के गेट के पास का है. यहां स्कूल के बाहर आइसक्रीम का ठेला लगता है. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भी बच्चे ठेले से आइसक्रीम खरीदकर खा रहे थे. इसी दौरान कुछ बच्चों के मुंह में तेज जलन होने लगी और उनके दोनों होंठ आपस में चिपक गए. बच्चों ने जब आइसक्रीम को मुंह से हटाने की कोशिश की तो एक बच्चे के होंठ से खून निकलने की शिकायत सामने आई. इसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. करीब पांच से छह बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है. जानकारी के अनुसार, परिजन बच्चों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले गए.
पुलिस ने आइसक्रीम विक्रेता को हिरासत में लिया
वहीं, घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. हरसिद्धि थाना की गश्ती टीम ने आइसक्रीम बेचने वाले को हिरासत में ले लिया. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि आइसक्रीम कहां से लाई गई थी और उसे तैयार करने में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया. ग्रामीणों ने आइसक्रीम में किसी हानिकारक केमिकल के इस्तेमाल की आशंका जताई है. हालांकि, आइसक्रीम में किस पदार्थ की मौजूदगी थी और बच्चों के होंठ चिपकने की वजह क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है.
रोज लगता था स्कूल गेट पर ठेला
स्थानीय लोगों ने बताया कि गायघाट हाई स्कूल के गेट पर प्रतिदिन आइसक्रीम का ठेला लगता है और बच्चे वहां से आइसक्रीम खाते हैं. पहले भी कई बार गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन कभी जांच नहीं हुई. इस घटना के बाद अभिभावकों में काफी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि फूड इंस्पेक्टर सिर्फ कागजों पर हैं, जमीन पर कोई जांच नहीं होती.
आइसक्रीम में किस केमिकल का इस्तेमाल, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आइसक्रीम किसी कंपनी की पैक्ड सामग्री थी या स्थानीय स्तर पर तैयार की गई थी. जरूरत पड़ने पर आइसक्रीम के नमूने की जांच से ही उसकी गुणवत्ता और उसमें मौजूद पदार्थों की जानकारी मिल सकेगी. घटना ने स्कूलों के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं. बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से ऐसे ठेलों पर बिकने वाली सामग्री की जांच जरूरी है. फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी.