बाजार में कई तरह के शैंपू मिलते हैं, लेकिन इसमें सल्फेट होता है जो बालों से हैवी आयल और गंदगी तो हटाता है पर बालों को डैमेज भी करता है. इससे बाल ज्याद ड्राई, फ्रिजी और कमजोर हो सकते हैं. ऐसे में सल्फेट फ्री शैंपू या हर्बल शैंपू का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसे आप घर ही आंवला, शिकाकाई, रीठा, मेथी, एलोवेरा और करी पत्ते जैसी चीजों से तैयार कर सकते हैं.
इसमें सल्फेट और पैराबेन फ्री शैंपू बेस का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि हर्बल अर्क को शैंपू के रूप में इस्तेमाल करना आसान हो. हालांकि, नेचुरल चीजों से बना शैंपू हर किसी के बालों और स्कैल्प पर एक जैसा असर नहीं करता. इसलिए इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
हर्बल शैंपू बनाने के लिए सामग्री
आंवला – 50 ग्राम
शिकाकाई – 50 ग्राम
रीठा – 50 ग्राम
सूखे गुड़हल के फूल – 20
मेथी दाना – 2 बड़े चम्मच
कलौंजी – 2 बड़े चम्मच
अलसी के बीज – 4 बड़े चम्मच
रोजमेरी – 15 ग्राम
ताजा एलोवेरा की पत्तियां – 2 से 3
करी पत्ता – 1/3 कप
नीम की पत्तियां – 1/2 कप
भृंगराज – 1/2 कप
सूखी गुलाब की पंखुड़ियां – 3 बड़े चम्मच
विटामिन ई कैप्सूल – 5
सल्फेट और पैराबेन फ्री शैंपू बेस – 750 मिलीलीटर
फिल्टर किया हुआ पानी – 1.5 से 2 लीटर
घर पर हर्बल शैंपू बनाने का तरीका
सबसे पहले आंवला, शिकाकाई, रीठा, मेथी दाना, कलौंजी और भृंगराज को अच्छी तरह धो लें. इन्हें डेढ़ लीटर फिल्टर किए हुए पानी में रातभर भिगोकर रखें.
अगली सुबह इस मिश्रण में करी पत्ता, नीम की पत्तियां, रोजमेरी, सूखी गुलाब की पंखुड़ियां और अलसी के बीज डालें. इसे तेज आंच पर उबालें. उबाल आने पर एलोवेरा की पत्तियों को छोटे टुकड़ों में काटकर डाल दें.
अब मिश्रण को मध्यम आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकाएं. जब पानी लगभग आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें. मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर छान लें.बचे हुए हर्बल मिश्रण में थोड़ा उबला और ठंडा पानी डालकर अच्छी तरह मसलें. इससे बचा हुआ अर्क भी निकल सकता है. इसे दोबारा छानकर पहले निकाले गए तरल में मिला दें.
अब इसमें विटामिन ई कैप्सूल का तेल मिलाएं. इसके बाद शैंपू बेस डालकर धीरे-धीरे चलाएं, ताकि मिश्रण अच्छी तरह मिल जाए. तैयार मिश्रण को साफ बोतल में भरें और कुछ समय के लिए छोड़ दें, ताकि सभी चीजें अच्छी तरह मिल जाएं.
रखें ध्यान
शैंपू बनाते समय साफ बर्तन और बोतल का इस्तेमाल करें. पानी की गुणवत्ता का ध्यान रखें और बेहतर होगा कि एक बार में कम मात्रा तैयार करें. हर्बल अर्क में पानी होने के कारण इसमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने का खतरा रहता है.