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Keoladeo National Park Water Infrastructure: भरतपुर के विश्वप्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान घना में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है. घना को बंध बारैठा के जल तंत्र से जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना पर 18 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके तहत 1250 मीटर लंबी कनेक्टिंग कैनाल बनाई जाएगी. इसके निर्माण से अजान बांध के माध्यम से राष्ट्रीय उद्यान तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है. यह परियोजना उद्यान के जल प्रबंधन और पर्यावरणीय जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है. पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से आर्द्रभूमि और जलाशयों को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इससे प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. सर्दियों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पक्षी केवलादेव पहुंचते हैं. ऐसे में जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान घना में वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की है. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है. सरकार ने बंध बारैठा के जल तंत्र से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत 18 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से 1250 मीटर लंबी कनेक्टिंग कैनाल का निर्माण किया जाएगा. इस कैनाल के तैयार होने के बाद अजान बांध के माध्यम से घना तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
इससे राष्ट्रीय उद्यान में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान देश-विदेश में अपनी अनूठी जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है. हर साल सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में देसी और विदेशी पक्षी पहुंचते हैं. इन पक्षियों के लिए पर्याप्त पानी और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण बेहद जरूरी है. ऐसे में उद्यान में पानी की उपलब्धता बनाए रखना वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.
पानी के अभाव में पक्षियों के आवास और प्रजनन होता है प्रभावित
पार्क प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्क में पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने पर उद्यान के जलाशयों और आर्द्रभूमि पर असर पड़ता है. इसका प्रभाव पक्षियों के भोजन उनके प्राकृतिक आवास और प्रजनन गतिविधियों पर भी पड़ने की आशंका रहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए घना को बंध बारैठा के जल तंत्र से जोड़ने की योजना तैयार की गई है. प्रस्तावित कनेक्टिंग कैनाल के निर्माण से पानी को निर्धारित जल मार्ग के जरिए अजान बांध तक पहुंचाने और वहां से केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के लिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है. इससे उद्यान में पानी की आपूर्ति को अधिक व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है.
योजना पूरी हाेने के बाद पानी की उपलब्धा में सुधार की उम्मीद
इस परियोजना को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. साथ ही योजना पूरी होने के बाद पानी की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है. जिससे पक्षियों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. साथ ही सर्दियों में यहां आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर प्राकृतिक वातावरण देखने को मिल सकता है. अब इस योजना की मंजूरी मिलने के बाद पार्क प्रशासन पूरी तरह काम में जुट गया है.