UPI MDR latest news: यूपीआई पेमेंट पर MDR चार्ज का क्‍या हुआ? टालने को लेकर आज आने वाला था फैसला


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UPI MDR latest News : यूपीआई के जर‍िेये 2000 से ज्‍यादा पेमेंट पर लगने वाला चार्ज क्‍या सच में टल गया? 15 अक्टूबर 2026 से इसे वसूला जाना था, अब क्‍या होगा. यूपीआई स्‍टीयर‍िंग कमेटी की मीटिंग हुई या नहीं, हुई तो कोई फैसला ल‍िया गया है या नहीं. इन सभी सवालों के जवाब आपको यहां म‍िलने वाले हैं. क्‍योंक‍ि पहले कहा जा रहा था क‍ि सरकार यूपीआई पेमेंट चार्ज लागू होने की समय सीमा जनवरी तक के ल‍िए बढ़ा सकती है.

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यूपीआई पेमेंट पर MDR चार्ज का क्‍या हुआ? टालने को लेकर आज आने वाला था फैसलाZoom

यूपीआई पेमेंट चार्ज पर कुछ भी फैसला नहीं हो सका.

यूपीआई पेमेंट पर MDR चार्ज 15 अक्टूबर 2026 से वसूला जाएगा या नहीं, इस पर फैसला फ‍िलहाल अधर में लटक गया है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI की यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी की 9 अक्टूबर को मीटिंग होने वाली थी. कहा जा रहा था क‍ि इसी मीटिंग में चार्ज लगाने की तारीख बढ़ाने को लेकर ऐलान हो सकता है. लेकिन मनीकंट्रोल को सूत्रों से म‍िली जानकारी के मुताबिक- शन‍िवार को यह मीटिंग हुई ही नहीं. अब यह स्पष्ट नहीं है कि कमेटी की अगली बैठक कब होगी और नए शुल्क पर अंतिम फैसला कब आएगा.

सितंबर में यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी ने 2000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR तय किया था. इसके लागू होने की तारीख 15 अक्टूबर रखी गई थी. MDR वह शुल्क है जो दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के लिए पेमेंट सिस्टम से जुड़े संस्थानों को देता है. इस हिसाब से अगर कोई ग्राहक किसी दुकान पर यूपीआई से 10000 रुपये का पेमेंट करता, तो 0.4% के हिसाब से 40 रुपये MDR बनता. हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के बजाय मर्चेंट पेमेंट सिस्टम के तहत लिया जाना था. 75000 रुपये या उससे अधिक क‍ितना भी ट्रांजैक्शन हो, 300 रुपये से ज्‍यादा नहीं लगना था.

जनवरी 2027 तक टल सकता है फैसला

NPCI प्रस्तावित MDR व्यवस्था को जनवरी 2027 तक टालने के विकल्प पर विचार कर रहा था. इसी पर चर्चा करने और फैसला लेने के लिए 9 अक्टूबर को स्टीयरिंग कमेटी की बैठक रखी गई थी. लेकिन बैठक नहीं हो सकी. अब तक ये साफ नहीं है क‍ि 15 अक्‍तूबर से ही चार्ज वसूला जाएगा या फ‍िर जनवरी से पेमेंट पर शुल्‍क देना होगा.मीटिंग को लेकर कोई नई अपडेट भी शुक्रवार देर रात तक नहीं आई थी.

व्यापारी क्यों कर रहे हैं विरोध?

यूपीआई MDR का का का कारोबारी विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है क‍ि अक्टूबर से दिसंबर तक खरीदारी बढ़ती है. अगर ये लागू हुआ तो द‍िक्‍कतें बढ़ सकती हैं. कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए बार-बार होने वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन पर शुल्क अतिरिक्त खर्च बन सकता है.अलग-अलग तरह के भुगतान पर MDR की दरें और नियम अलग होने से व्यापारियों के बीच भ्रम की आशंका है.व्यापारियों को डर है कि कुछ कारोबारी इस लागत की भरपाई सामान या सेवाओं की कीमत बढ़ाकर कर सकते हैं.



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