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Chhattisgarh IPS Transfer: छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासनिक सेवा में बदलाव किया है. कुल 18 IPS का ट्रांसफर कर दिया है. राज्य सरकार का मानना है कि इससे कानून व्यवस्था सुधारने और बस्तर में सुरक्षा के तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा कई नए पुलिस अफसरों को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
छत्तीसगढ़ में 18 IPS ऑफिसर का हुआ तबादला (AI तस्वीर)
Chhattisgarh IPS Transfer: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. राज्य सरकार के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 18 अफसरों का तबादला कर दिया है. इस फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि इसमें साल 2021 से लेकर 2024 बैच तक के युवा और ऊर्जावान अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे मैदानी पुलिसिंग और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था में नया जोश देखने को मिलेगा.
गृह मंत्रालय (नवा रायपुर, अटल नगर) द्वारा जारी इस आदेश के तहत कई अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में अहम जिम्मेदारी दी गई है, तो कई युवा अफसरों को बस्तर के नक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिलों में एडिशनल एसपी बनाकर भेजा गया है.
अमनकुमार का बीजापुर से नवा रायपुर किया गया तबादला
2021 बैच के अफसरों में झा अमनकुमार रमनकुमार को बीजापुर से तबादल कर पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर भेजा गया है और उन्हें एसपी बनाया गया है. दूसरी तरफ अजय कुमार को नारायणपुर से एसपी (एस.आई.बी.) और आकाश श्रीमाल को भानुप्रतापपुर (कांकेर) से सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर मुख्यालय भेजा गया है. इसी तरह अक्षय प्रमोद सबद्रा और आकाश कुमार शुक्ला को भी एआईजी के रूप में पुलिस मुख्यालय में जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मैदानी इलाकों और बस्तर क्षेत्र में नई तैनाती
वहीं फील्ड पुलिसिंग और सुरक्षा अभियानों को गति देने के लिए ईशु अग्रवाल को नारायणपुर, मयंक मिश्रा को सुकमा, वैशाली जैन को जगदलपुर और राहुल बंसल को बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) के रूप में तैनात किया गया है. इसके साथ ही ट्रेनिंग पूरी कर चुके 2023 और 2024 बैच के युवा ट्रेनी अफसरों, जिनमें साकोर मानसी नानाभाऊ, आदित्य कुमार और प्रतीक बंसोड़े शामिल रहे हैं. उनको भी सीएसपी व नगर पुलिस अधीक्षक के पदों पर पहली स्वतंत्र मैदानी पोस्टिंग दी गई है.
राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में अपराध नियंत्रण, शहरी पुलिसिंग में कसावट लाने की दिशा में अहम कदम है. इसके अलावा नक्सल मोर्चे पर रणनीतियों को ज्यादा प्रभावी बनाने में अहम बल मिलेगा.
(रिपोर्ट-विशु शुक्ला)