नई दिल्ली (Nobel Peace Prize Rewards). दुनियाभर में संघर्ष, तनाव और नाइंसाफी का दौर चल रहा है. इसी बीच शांति के लिए लड़ने वालों को मिलने वाला नोबेल पुरस्कार मानवता के लिए उम्मीद की किरण है. हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट और न्यायविद् (Jurist) नावी पिल्लई को प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है. नावी पिल्लई का भारत से गहरा नाता है. उनके पूर्वज करीब 136 साल पहले तमिलनाडु से दक्षिण अफ्रीका में बसे थे.
शांति के नोबेल पुरस्कार का इतिहास क्या है?
नोबेल पुरस्कार की शुरुआत स्वीडन के महान वैज्ञानिक, आविष्कारक और व्यवसायी अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर साल 1901 में हुई थी. अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी संपत्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट के लिए सुरक्षित रख दिया था. वह चाहते थे कि इससे उन लोगों को सम्मानित किया जाए, जिन्होंने पिछले साल के दौरान मानव जाति को सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया हो.
इतिहास में पहला नोबेल शांति पुरस्कार साल 1901 में संयुक्त रूप से 2 महान शख्सियतों को दिया गया था:
- हेनरी ड्यूनांट (Henry Dunant): स्विट्जरलैंड के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और ‘रेड क्रॉस’ संगठन के संस्थापक थे.
- फ्रेडरिक पैसी (Frédéric Passy): फ्रांस के बड़े अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय शांति आंदोलन के प्रमुख पैरोकार थे.
शांति का नोबेल जीतने वाले को क्या-क्या मिलता है?
लोगों के मन में अक्सर उत्सुकता रहती है कि दुनिया के इस सबसे बड़े पुरस्कार को जीतने वाले को आखिर क्या इनाम मिलता है. नोबेल पुरस्कार (चाहे वह शांति का हो या किसी अन्य क्षेत्र का) जीतने पर मिलने वाली राशि बेहद भारी-भरकम होती है.
नोबेल फाउंडेशन की घोषणा के मुताबिक, हर नोबेल पुरस्कार के लिए पुरस्कार राशि1.2 करोड़ स्वीडन क्रोना (SEK 12 million) तय की गई है. इसे भारतीय रुपयों (INR) में बदलें तो यह लगभग 11.5 करोड़ रुपये से ज्यादा बनती है.
यहां इस राशि से जुड़ी कुछ खास बातें जान लीजिए-
- अगर पुरस्कार एक से ज्यादा लोगों को मिले: अगर शांति पुरस्कार या कोई अन्य नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से 2 या 3 लोगों (या संस्थाओं) को मिलता है तो यह इनामी राशि उन सभी में आपस में बराबर या तय हिस्सों में बांट दी जाती है.
- पैसे का इस्तेमाल: विजेता इस मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने सामाजिक कार्यों, रिसर्च, शिक्षा के प्रचार-प्रसार या मानवाधिकारों से जुड़े अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं.
नोबेल पुरस्कार विजेता को मुख्य रूप से 3 चीजें दी जाती हैं:
- सोने का मेडल: 18 कैरेट के रीसाइकल्ड हरे सोने से बना खूबसूरत मेडल, जिस पर अल्फ्रेड नोबेल की तस्वीर और शांति का संदेश उकेरा होता है.
- डिप्लोमा सर्टिफिकेट: स्वीडन के राजा के हाथों विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ हस्तनिर्मित डिप्लोमा प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिस पर विजेता की उपलब्धि का विवरण होता है.
- करोड़ों की नकद राशि: नोबेल फाउंडेशन की तरफ से हर साल भारी-भरकम राशि दी जाती है. यह अलग-अलग वर्षों में फंड के रिटर्न के हिसाब से बदलती रहती है.
नावी पिल्लई कौन हैं?
महात्मा गांधी ने भी दक्षिण अफ्रीका की धरती से ही अपने सत्याग्रह की शुरुआत की थी. आज उसी रास्ते पर चलकर नावी पिल्लई ने दुनियाभर के उत्पीड़ितों को न्याय दिलाया है.