चीन में खाना पहुंचाने वाले डिलीवरी राइडर्स, कैब ड्राइवर्स और दूसरे गिग वर्कर्स के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सरकार पहली बार इन कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए खास नियम बनाने की तैयारी कर रही है. इसका मकसद ऐसे लोगों को भी लेबर लॉ के दायरे में लाना है, जो कंपनियों के कंट्रोल में काम तो करते हैं, लेकिन कानूनी तौर पर उन्हें नियमित कर्मचारी नहीं माना जाता. नए नियम लागू होने पर इन कामगारों को न्यूनतम वेतन और काम से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा मिल सकती है.
चीन के ह्यूमन रिसोर्स एंड सोशल सिक्योरिटी मिनिस्ट्री ने 8 अक्टूबर को इन नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है. इसमें कुल 54 धाराएं हैं और आम लोगों से 8 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं. अगर सरकार इसे मंजूरी दे देती है, तो यह चीन में नए तरह के रोजगार करने वाले लोगों के अधिकारों को लेकर विभाग स्तर पर बनाया गया पहला खास नियम होगा. इससे प्लेटफॉर्म कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी और कामगारों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर नियम स्पष्ट हो सकेंगे.
क्या है चीन का नया लेबर लॉ?
चीन में गिग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है. इस व्यवस्था में लोग किसी एक कंपनी के नियमित कर्मचारी बने बिना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करते हैं. इनमें खाना पहुंचाने वाले डिलीवरी राइडर्स, कोरियर, कैब ड्राइवर्स और ट्रक ड्राइवर्स शामिल हैं. ऐसे कई लोग कंपनियों के ऐप और उनके तय नियमों के हिसाब से काम करते हैं, लेकिन उनके रोजगार का रिश्ता नियमित कर्मचारियों जैसा नहीं होता.
क्या-क्या फायदा मिलेगा?
Court प्रस्तावित नियमों के तहत गिग वर्कर्स को न्यूनतम वेतन, सार्वजनिक छुट्टियों पर काम करने के लिए अतिरिक्त भुगतान और पर्याप्त आराम का अधिकार मिलेगा. नए ड्राफ्ट का मकसद इसी कमी को दूर करना है. इसके तहत उन कामगारों को भी श्रम कानूनों से जुड़ी सुरक्षा देने की तैयारी है, जो कंपनियों के कंट्रोल में काम करते हैं, लेकिन जिनका रोजगार संबंध पूरी तरह कानूनी कर्मचारी की परिभाषा में नहीं आता. नियमों में न्यूनतम भुगतान और बुनियादी कामकाजी अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है.
इसके अलावा 19 सितंबर को पेरिस में आयोजित 2026 फ्रेंच डिजाइन अवॉर्ड समारोह में अलीबाबा ग्रुप के Taobao Instant Commerce प्लेटफॉर्म के डिलीवरी राइडर्स की यूनिफॉर्म को गोल्ड अवॉर्ड मिला. यह पहली बार है जब फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बनाई गई किसी प्रोफेशनल यूनिफॉर्म को यह सम्मान दिया गया है. नारंगी रंग की खास यूनिफॉर्म को अलग-अलग सेक्टर्स के एक्सपर्ट्स की टीम ने तैयार किया है. इसमें सड़क पर राइडर्स की बेहतर विजिबिलिटी, आराम और मौसम से बचाव का ध्यान रखा गया है. साथ ही, इसमें फर्स्ट एड सप्लाई का सामान रखने की जगह भी दी गई है.
अब मनमाने तरीके से काम
नए नियमों का एक अहम हिस्सा एल्गोरिदम से जुड़ा है. गिग वर्कर्स के काम में ऐप की भूमिका काफी अहम होती है. ऐप के जरिए तय होता है कि किसे कौन-सा ऑर्डर मिलेगा, काम कितनी जल्दी पूरा करना होगा और पेमेंट किस आधार पर तय होगा.
ऐसे में अगर कंपनी के सिस्टम में बदलाव होता है, तो उसका सीधा असर कामगार की कमाई और काम के दबाव पर पड़ सकता है. प्रस्तावित नियमों में कंपनियों के श्रम नियमों और एल्गोरिदम के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की बात कही गई है. इसका फोकस काम देने और पेमेंट तय करने का प्रोसेस अधिक ट्रांसपरेंट बनाना है, ताकि कामगारों के हितों की अनदेखी न हो.
विवाद होने पर क्या होगा?
प्रपोज्ड किए गए नियमों में कामगारों और कंपनियों के बीच विवाद सुलझाने की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है. इसके साथ ही सरकारी विभागों की निगरानी और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की कोशिश की गई है. अगर कंपनियां इन नियमों का उल्लंघन करती हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान भी ड्राफ्ट में रखा गया है.
इससे उन कामगारों को मदद मिल सकती है, जिन्हें भुगतान, काम की शर्तों या कंपनी के फैसलों को लेकर शिकायत होती है. हालांकि, इन नियमों को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. फिलहाल सरकार जनता से सुझाव ले रही है. इसलिए इनके लागू होने और अंतिम प्रावधानों की तस्वीर आगे साफ होगी.
चीन में 8.4 करोड़ लोग करते हैं इस तरह का काम
चीन में नए तरह के रोजगार से जुड़े करीब 8.4 करोड़ लेबर हैं. इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो डिलीवरी, कैब और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सर्विसेस देते हैं. इस सेक्टर के विस्तार के साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा और कामकाजी अधिकारों को लेकर भी चिंता बढ़ी है.
सरकार पहले भी प्लेटफॉर्म कंपनियों के एल्गोरिदम पर कंट्रोल और कामगारों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाती रही है. नया ड्राफ्ट इसी दिशा में एक और प्रयास है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो गिग वर्कर्स को अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नियम मिल सकते हैं और कंपनियों को भी अपने कामकाज में अधिक जवाबदेह होना पड़ेगा.