रेलवे कर्मचारियों को 2025-26 के लिए बोनस देने के नाम पर सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया गया है कि रेलवे बोर्ड ने पात्र नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को 78 दिन की सैलरी के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने का फैसला किया है. लेटर में बोनस की रकम 41,149 रुपये बताई गई है. रेलवे बोर्ड का नाम और आधिकारिक नंबर बताया गया है. लेकिन इस लेटर पर भरोसा करने से पहले इसकी सच्चाई आप जरूर जान लें.
दरअसल, यह लेटर फर्जी है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने 8 अक्टूबर को इस लेटर की जानकारी दी है. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है. ऐसे में कर्मचारियों को इस लेटर के आधार पर बोनस मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. बोनस से जुड़ी सही जानकारी के लिए रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के आधिकारिक माध्यमों पर जारी होने वाले आदेशों को ही मानना चाहिए.
वायरल पत्र में क्या दावा किया गया है?
इसमें बोनस की रकम 41,149 रुपये बताई गई है. सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला यह डॉक्यूमेंट्स कर्मचारियों के बीच भ्रम पैदा कर सकता है. हालांकि, केवल किसी लेटर पर सरकारी विभाग का नाम, नंबर या तारीख लिखे होने से वह असली नहीं हो जाता. इसलिए ऐसे दस्तावेजों की पुष्टि करना जरूरी है.
रेलवे बोर्ड और PIB ने क्या बताया?
कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि बोनस से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें
PIB की फैक्ट चेक टीम ने 8 अक्टूबर को वायरल लेटर को फर्जी बताया है. रेलवे बोर्ड ने भी साफ किया कि उसने 2025-26 के बोनस को लेकर ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है. इसलिए वायरल डॉक्यूमेंट्स में किए गए दावे को आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए. PIB ने लोगों से अपील की है कि वे इस फर्जी पत्र को न तो सच मानें और न ही आगे शेयर करें. बोनस से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए रेल मंत्रालय या रेलवे बोर्ड के आधिकारिक माध्यमों से पुष्टि करनी चाहिए.
किस बात का रखें ध्यान
अगर आपको भी 78 दिन के बोनस से जुड़ा यह पत्र व्हाट्सऐप या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलता है, तो इसे बिना चेक करें आगे न सेंड करें. पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों पर इसको कंफर्म करें. बोनस की रकम, भुगतान की तारीख और पात्रता से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक आदेश का इंतजार करें. वायरल मैसेज के आधार पर यह न मानें कि बोनस की घोषणा हो चुकी है या भुगतान जल्द होने वाला है.
फर्जी सरकारी खबर की शिकायत कहां करें?
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अगर आपको केंद्र सरकार से जुड़ा कोई फेक लेटर या मैसेज मिलता है, तो आप PIB फैक्ट चेक टीम से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए ये माध्यम उपलब्ध हैं-
व्हाट्सऐप: 8799711259
ईमेल: [factcheck@pib.gov.in](mailto:factcheck@pib.gov.in)
रेलवे कर्मचारियों को सलाह है कि बोनस और दूसरी सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों पर भरोसा करने से पहले कंफर्म जरूर करें. इससे गलत जानकारी फैलने और अनावश्यक भ्रम पैदा होने से बचा जा सकता है.