Shardiya Navratri 2026 Quick Puja: शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 10 अक्टूबर रविवार से हो रहा है. इसमें कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करते हैं. कलश स्थापना के बारे में लोग सोचते हैं कि जो पूरे 9 दिनों तक व्रत रखता है, वही कलश स्थापना कर सकते हैं. ऐसे ही नवरात्रि की पूजा के लिए 2-3 घंटे का समय न हो तो फिर दुर्गा पूजा नहीं हो सकती है. ऐसा नहीं है. यदि आपके पास समय का अभाव है या सुबह-शाम के समय में वक्त नहीं है तो आप परेशान न हो. बिना नवरात्रि व्रत आप कलश स्थापना कर सकते हैं और कम समय में भी दुर्गा पूजा कर सकते हैं.
बिना व्रत के कलश स्थापना
बिना व्रत के आपको कलश स्थापना करनी है तो आप कलश और पूजा सामग्री आदि की व्यवस्था कर लें. फिर नवरात्रि के पहले दिन विधिपूर्वक कलश स्थापना करके मां दुर्गा की पूजा कर लें.
नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करते हैं. (Photo: AI)
मुहूर्त में समय न मिले तो कब करें कलश स्थापना?
आज के समय में लोगों के काम का समय अलग-अलग होता है. कोई देर रात से सुबह तक, कोई प्रात:काल से शाम तक या शाम से अगली सुबह तक काम करता है. ऐसे में उन लोगों के पास मुहूर्त में कलश स्थापना का विकल्प न हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.
नवरात्रि के पूरे 9 दिनों में स्वयं सिद्ध मुहूर्त होते हैं. आपके पास जब समय हो, उस वक्त आप अपनी पत्नी के साथ मिलकर कलश स्थापना कर लें. पति और पत्नी साथ में कलश स्थापना करें तो बहुत उत्तम है. जो शादीशुदा नहीं हैं, वे स्वयं या पंडित जी मदद से कलश स्थापना कर लें.
किसी वजह से पति और पत्नी एक समय पर साथ घर में उपलब्ध नहीं हैं तो जो उपलब्ध है, वो कलश स्थापना कर ले और जब एक साथ हों तो मातरानी की पूजा कर लें.
कम समय में कैसे करें दुर्गा पूजा?
नवरात्रि में आपके पास समय नहीं तो आप पहले से लेकर 9वें दिन जब स्नान करते हैं, तो उसके बाद साफ कपड़े पहन लें. पूरे भक्ति भाव से मां दुर्गा को फूल अर्पित करें और एक दीपक जला दें. मां मातारानी को फल, मिठाई या घर पर बने सात्विक भोजन में से भोग लगाएं. उसके बाद आप अपने काम पर निकल सकते हैं. यह सबसे आसान पूजा है. इसके अलावा आपके पास और थोड़ा समय हो तो आप दुर्गा चालीसा का पाठ करके आरती कर सकते हैं.
कहा जाता है कि दांपत्य जीवन में लोगों के पास समय का अभाव रहता है. लेकिन आप थोड़ा भी समय निकालकर अपने इष्ट देव की पूजा कर लें और उनकी सेवा कर लें तो उससे ही आपका कल्याण हो जाएगा.