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Patna Etawarpur Durga Puja: पटना के एतवारपुर में इस साल दुर्गा पूजा के अवसर पर 121 फीट ऊंचा भगवान जगन्नाथ मंदिर का प्रारूप और बिहार का पहला 3D लाइट शो देखने को मिलेगा. इस भव्य आयोजन पर करीब 85 लाख रुपये खर्च होंगे. बिहार में पहली बार इतने बड़े स्तर पर कोई पंडाल बनाया जा रहा है.
पटना. दुर्गा पूजा में हर साल कुछ अलग और भव्य करने के लिए चर्चित एतवारपुर दुर्गा पूजा समिति की तरफ से इस बार तैयारी और भी खास है. यहां पूजा पंडाल के साथ 121 फीट ऊंचा और 110 फीट चौड़ा भगवान जगन्नाथ मंदिर का भव्य प्रारूप तैयार किया जा रहा है. समिति के अध्यक्ष मुनिल यादव ने बताया कि इस बार यहां बिहार में पहली बार 3D लाइट शो भी देखने को मिलेगा. इसमें रोशनी और रंगों के जरिए पंडाल पर अलग-अलग दृश्य दिखाए जाएंगे. उनका कहना है कि देश के दूसरे हिस्सों, खासकर बंगाल में 3D मैपिंग शो जैसे आयोजन पहले से होते रहे हैं, लेकिन बिहार में पहली बार इसे बड़े स्तर पर करने की तैयारी है. इसका उद्देश्य पूजा के अनुभव को और भव्य बनाना और बिहार में भी इस तरह के प्रयोग को बढ़ावा देना है.
121 फीट ऊंचा होगा जगन्नाथ मंदिर
पटना के एतवारपुर में इस बार भगवान जगन्नाथ मंदिर का प्रारूप आकर्षण का बड़ा केंद्र होगा. आयोजकों की मानें तो इसे मूल मंदिर की तर्ज पर हूबहू तैयार करने की कोशिश की जा रही है. मंदिर का ढांचा करीब 121 फीट ऊंचा और 110 फीट चौड़ा होगा. वहीं, मां दुर्गा की प्रतिमा भी करीब 16 फीट ऊंची होगी. प्रतिमा की साज-सज्जा का काम बंगाल के कारीगर कर रहे हैं. प्रतिमा के पीछे तैयार किया जा रहा सजावटी हिस्सा भी पूजा पंडाल के आकर्षण को बढ़ाएगा.
10 हजार बांस, 80 लोग दिन-रात जुटे
इतने बड़े पंडाल और मंदिर के प्रारूप को तैयार करने में बड़ी संख्या में कारीगर जुटे हैं. फिलहाल करीब 80 लोग अलग-अलग कामों में लगे हुए हैं. कोई बांस का ढांचा तैयार कर रहा है तो कोई डिजाइनिंग, मूर्ति और सजावट का काम संभाल रहा है. इस बार पूरे आयोजन के लिए करीब 85 लाख रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है. पंडाल निर्माण में करीब 10 हजार बांस इस्तेमाल किए जा रहे हैं. पंडाल का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. अब फ्रेमिंग, कपड़े और प्लाई से जुड़े काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
तीन-चार महीने पहले शुरू हो जाती है तैयारी
एतवारपुर के इस भव्य आयोजन की तैयारी कुछ दिन पहले नहीं, बल्कि महीनों पहले शुरू हो जाती है. अध्यक्ष मुनिल यादव ने आगे बताया कि डिजाइन और रूपरेखा तैयार करने का काम करीब तीन-चार महीने पहले शुरू कर दिया जाता है, जबकि पंडाल की फ्रेमिंग का काम पिछले करीब दो महीने से चल रहा है.
3D मैपिंग में बदलेगा पंडाल का रंग-रूप
इस बार सबसे बड़ा आकर्षण 3D मैपिंग शो बताया जा रहा है. इसके जरिए पंडाल पर अलग-अलग रंगों और रोशनी का शो दिखाया जाएगा. मां दुर्गा की प्रतिमा और पंडाल की संरचना पर पड़ने वाली रोशनी इसे अलग रूप देगी. आयोजकों का दावा है कि इस तरह का आयोजन बिहार में पहली बार देखने को मिलेगा. यानी इस बार श्रद्धालुओं को सिर्फ भव्य पंडाल और प्रतिमा ही नहीं, बल्कि रोशनी और तकनीक का नया अनुभव भी मिलने वाला है.
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारी
एतवारपुर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस बार भी संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. पूजा के बाद भी एतवारपुर का आयोजन खास रहने वाला है. आयोजकों ने इस बार विसर्जन के दौरान भव्य रथ यात्रा निकालने की तैयारी की है. इसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ पर रखा जाएगा और यात्रा पुनपुन तक जाएगी, जहां विसर्जन किया जाएगा.