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Akhilesh Yadav in Ayodhya : रामनगरी अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद तीसरी बार पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर से दूरी बरकरार रखी. मगर, उन्होंने अयोध्या विधानसभा सीट से सपा के उम्मीदवार पवन पांडेय के कृष्णापुर आवास पर भागवत कथा जरूर सुनी. इस पर सवाल खड़ा हो गया कि क्या कथा सियासी नैया पार लगाने वाली है.
अखिलेश यादव बनाम सीएम योगी.
अयोध्या : क्या राम कथा और भागवत कथा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में राजनीतिक पार्टियों का नैया पार लगाएगी ? यह सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि आजकल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टी के नेता किसी भी दल से हो कथा करवा रहे है और उनके सर्वोच्च नेता भी कथा में शामिल हो रहे हैं. दरअसल, अयोध्या में श्री राम मंदिर से महेश 15 किलोमीटर की दूरी पर समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री मनोज पांडे ने भागवत कथा कराई और इस भागवत कथा में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव शामिल हुए. यहीं से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सीधे मैसेज दिया.
यह चली चाल
पवन पांडे द्वारा अयोध्या में भागवत कथा कराने से पहले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, योगी सरकार में मंत्री मनोज पांडे समेत कई नेता भागवत कथा करवा चुके हैं. आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले कई नेता प्लान कर रहे हैं भागवत कथा कराने की. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही बोल चुके हैं कि इस बार का विधानसभा चुनाव 80 बनाम 20 की लड़ाई है. जैसे ही अखिलेश यादव मंच पर पहुंचे, संतों ने अखिलेश यादव का भव्य स्वागत किया और सनातन वोट बैंक समेत ब्राह्मण वोट बैंक अपने पाले में करने की एक कोशिश समाजवादी पार्टी की तरफ से अयोध्या की एक भागवत कथा के द्वारा किया गया.
क्या बोले सपा मुखिया?
अखिलेश यादव ने अयोध्या विधानसभा सीट से सपा के उम्मीदवार पवन पांडेय के कृष्णापुर आवास पर भागवत कथा सुनी. मंच से उन्होंने अयोध्या को वर्ल्ड क्लास शहर बनाने का वादा भी किया. तो वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भी खेलने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जब से हमने अयोध्या में अपनी पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया है, भाजपा सर्वे पर सर्वे करा रही है. हमको पता है कि हर सर्वे में भाजपा पीछे छूट जा रही है. सुनने में आ रहा है कि अयोध्या में भाजपा को नया प्रत्याशी ही नहीं मिल पा रहा है. अयोध्या में विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर इतने ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं.
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली. साथ ही कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी करने का झूठा दावा करने वाले का ‘पानी’ जनता उतार देगी. इस बार अयोध्या ही नहीं, पूरे प्रदेश की जनता ‘धन’ चुराने वालों को नहीं बख्शेगी.