पिथौरागढ़-चंपावत स्टेट हाईवे के 33 पुल होंगे डबल लेन, जाम से मिलेगी राहत, भारी वाहनों का सफर भी होगा आसान


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Pithoragarh Champawat State Highway: पिथौरागढ़-चंपावत स्टेट हाईवे पर संकरे पुलों के दिन लदने वाले हैं. लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने दोनों सीमांत जिलों में 33 पुराने और संकरे पुलों को चिन्हित कर उन्हें अत्याधुनिक डबल लेन में तब्दील करने की बड़ी योजना तैयार की है. नाबार्ड और एडीबी के सहयोग से शुरू होने वाली इस पहल से न केवल जाम और हादसों पर ब्रेक लगेगा, बल्कि सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास और व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी.

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पिथौरागढ़-चंपावत हाईवे के 33 पुल होंगे डबल लेन, भारी वाहनों का सफर होगा आसानZoom

Pithoragarh Champawat State Highway: पिथौरागढ़ और चंपावत के रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने दोनों जिलों में ऐसे 33 पुल चिह्नित किए हैं, जिन्हें डबल लेन में तब्दील किया जाना है. दरअसल, स्टेट हाईवे पर स्थित ये पुल लंबे समय से सिंगल लेन होने की वजह से भारी ट्रैफिक का दबाव नहीं झेल पा रहे थे. इन पुलों के चौड़ीकरण से न सिर्फ पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों को तेज रफ्तार मिलेगी, बल्कि संकरे पुलों पर होने वाले जानलेवा सड़क हादसों पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी.

लोनिवि ने चिन्हित किए 33 संकरे पुल
बॉर्डर से जुड़े इन दोनों पहाड़ी जिलों में समय बीतने के साथ गाड़ियों की आवाजाही काफी बढ़ चुकी है. मौजूदा समय में दर्जनों पुल सिंगल लेन होने से दोनों तरफ लंबा जाम लग जाता है और रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है. लोनिवि ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 33 पुलों को डबल लेन बनाने के लिए चिन्हित किया है. कार्ययोजना के मुताबिक, पिथौरागढ़ जिले में 22 और चंपावत जिले में 11 पुलों को नया स्वरूप देकर डबल लेन में तब्दील किया जाएगा.

‘बी’ से ‘ए’ क्लास लोडिंग क्षमता में बदलाव
पीडब्ल्यूडी के एसई एचसी ह्यांकी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि स्टेट हाईवे पर बने पुराने पुल ‘बी क्लास लोडिंग’ क्षमता वाले हैं. बढ़ते यातायात और विकास कार्यों को देखते हुए अब इन्हें ‘ए क्लास लोडिंग’ वाले मजबूत डबल लेन पुलों में बदला जा रहा है. इससे भारी भार ढोने वाले बड़े ट्रक और निर्माण उपकरण बिना किसी रुकावट के गुजर सकेंगे.

एडीबी और नाबार्ड की मदद से शुरू होगा काम
चंपावत जिले के सभी 11 चिन्हित पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके शासन को भेजी जा चुकी है. इन पुलों के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) आर्थिक मदद मुहैया कराएगा, जिससे जल्द धरातल पर काम शुरू होगा. वहीं पिथौरागढ़ के 22 पुलों में से एक दर्जन से अधिक की डीपीआर बन चुकी है और बाकी बचे 9 पुलों की डीपीआर जल्द शासन को भेजी जाएगी. पिथौरागढ़ में पुलों का निर्माण नाबार्ड की वित्तीय मदद से पूरा किया जाएगा.

सीमांत क्षेत्र के व्यापार और विकास को गति
इस फैसले का स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है. सामाजिक कार्यकर्ता शंकर खड़ायत का कहना है कि पिथौरागढ़ के 22 पुलों का चौड़ीकरण एक बड़ा सकारात्मक कदम है. सीमांत क्षेत्र में कई बड़ी विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिनके लिए भारी निर्माण सामग्री की आवाजाही होती है. संकरे पुल चौड़े होने से आम जनता को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय व्यापार को भी जबरदस्त फायदा पहुंचेगा.



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