Last Updated:
5 batsman most balls played in a ODI match: वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट की जब भी बात आती है, तो जेहन में धुआंधार चौकों-छक्कों और तेज तर्रार शतकों की तस्वीरें उभरती हैं. लेकिन क्रिकेट के इस सबसे लोकप्रिय प्रारूप में कुछ ऐसी पारियां भी खेली गई हैं, जिन्होंने रनों की रफ्तार से ज्यादा क्रीज पर टिके रहने और गेंदों को खेलने की अद्भुत मिसाल पेश की है. आइए जानते हैं वनडे के उन 5 बल्लेबाजों के बारे में जिन्होंने एक मैच में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना किया.
वनडे मैच में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने वाले 5 बल्लेबाज. (Photo Credit- AFP)
नई दिल्ली. क्रिकेट के शुरुआती दौर यानी 1975 के वर्ल्ड कप से शुरू हुई इस दास्तां में न्यूजीलैंड के महान बल्लेबाज ग्लेन टर्नर का नाम सबसे ऊपर आता है. बर्मिंघम के मैदान पर 7 जून 1975 को वनडे इतिहास का सातवां ही मैच था, जब न्यूजीलैंड का मुकाबला ईस्ट अफ्रीका से था. इस मैच में ग्लेन टर्नर ने एक ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जो आज भी अटूट है. टर्नर ने पारी की शुरुआत की और मैदान के चारों तरफ दीवार बनकर खड़े हो गए. उन्होंने कुल 201 गेंदों का सामना किया. वनडे क्रिकेट में आज तक किसी भी बल्लेबाज ने एक पारी में इतनी गेंदें नहीं खेली हैं. इस मैराथन पारी के दौरान उन्होंने 16 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 171 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 85.07 का रहा और वे पूरे 190 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह गेंदों के हिसाब से वनडे क्रिकेट की सबसे लंबी व्यक्तिगत पारी बन गई.
अभी इस वर्ल्ड कप की स्याही सूखी भी नहीं थी कि ठीक एक हफ्ते बाद, 14 जून 1975 को मैनचेस्टर में ग्लेन टर्नर (Glenn Turner) ने एक बार फिर अपनी अद्भुत एकाग्रता का परिचय दिया. इस बार सामने भारतीय टीम थी. टर्नर ने एक बार फिर मोर्चा संभाला और भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया. उन्होंने इस मैच में 177 गेंदों का सामना किया और 13 चौकों की मदद से 114 रन बनाकर नाबाद लौटे. 180 मिनट तक चली इस पारी में उनका स्ट्राइक रेट 64.40 का रहा. एक ही महीने के भीतर इतनी लंबी दो पारियां खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं था.
मोहसिन खान की वेस्टइंडीज के खिलाफ संघर्षपूर्ण पारी
इस फेहरिस्त में अगला नाम पाकिस्तान के बेहतरीन बल्लेबाज मोहसिन खान (Mohsin Khan) का आता है. 22 जून 1983 में ओवल के मैदान पर वेस्टइंडीज के खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ मुकाबला था. वेस्टइंडीज की खूंखार पेस बैटरी के सामने टिकना किसी भी बल्लेबाज के लिए लोहे के चने चबाने जैसा था. लेकिन मोहसिन खान ने अद्भुत संयम दिखाया. उन्होंने 176 गेंदों का सामना करते हुए 70 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली. इस पूरी पारी में उनके बल्ले से मात्र 1 चौका निकला, जो इस बात की गवाही देता है कि उन्होंने रन बनाने से ज्यादा क्रीज पर टिकने और विकेट बचाने को प्राथमिकता दी थी. उनका स्ट्राइक रेट 39.77 का रहा.
सुनील गावस्कर की लॉर्ड्स पर ऐतिहासिक रक्षात्मक पारी
इसी दौर के एक और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का नाम भी इस लिस्ट में दर्ज है. 7 जून 1975 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और इंग्लैंड आमने-सामने थे. गावस्कर ने उस मैच में ऐसी पारी खेली जो आज के दौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी पहेली जैसी लग सकती है. उन्होंने 174 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 36 रन बनाकर नाबाद रहे. इस लंबी पारी में उनके बल्ले से केवल 1 चौका निकला और उनका स्ट्राइक रेट महज 20.68 का रहा. हालांकि यह पारी धीमी जरूर थी, लेकिन उस समय के वनडे प्रारूप की रणनीतियों और रक्षात्मक खेल का यह एक अनूठा नमूना थी.
रोहित शर्मा का रिकॉर्डतोड़ और आक्रामक दोहरा शतक
इन सभी पुरानी और रक्षात्मक पारियों के बीच, 13 नवंबर 2014 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में एक ऐसा भूचाल आया जिसने गेंदों को खेलने के इस रिकॉर्ड को एक नए ही आयाम पर ला खड़ा किया. भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए इस मुकाबले में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने वो कारनामा कर दिखाया जिसे आज भी दुनिया याद करती है. रोहित ने न सिर्फ गेंदों का सामना करने के मामले में इस टॉप-5 की सूची में अपनी जगह बनाई, बल्कि विस्फोटक बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल दी.