INDIA Bloc Protest: द‍िल्‍ली में राहुल गांधी, पटना में तेजस्‍वी यादव का प्रदर्शन तो कहां हैं अख‍िलेश यादव?

INDIA Bloc Protest: द‍िल्‍ली में राहुल गांधी, पटना में तेजस्‍वी यादव का प्रदर्शन तो कहां हैं अख‍िलेश यादव?


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पटना में तेजस्‍वी, द‍िल्‍ली में राहुल तो कहां हैं अख‍िलेश यादव?

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रदर्शन कर रहे हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पटना में विपक्षी नेताओं के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब होने के बावजूद अखिलेश यादव इस मुद्दे पर सड़क पर नहीं उतर रहे हैं. 6 अक्टूबर के राहुल गांधी के मार्च में अखिलेश कुछ मिनटों के लिए जरूर दिखे. 7 अक्टूबर के लंच और 8 अक्टूबर के प्रदर्शन में भी अखिलेश नजर नहीं आए. 30 सितंबर की इंडिया गठबंधन बैठक से भी उन्होंने दूरी बनाई थी. इस बीच कांग्रेस यूपी में सीट बंटवारे को लेकर सपा पर दबाव बना रही है और 150 से 200 सीटों की मांग कर रही है.

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी का आरोप लगाकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी अन्य विपक्षी सांसदों के साथ पिछले तीन दिनों से दिल्ली में अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं गुरुवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इंडिया गठबंधन के समर्थकों के साथ पटना में विरोध प्रदर्शन किया. यानी दिल्ली में राहुल गांधी तो पटना में तेजस्वी यादव ने मोर्चा संभाला. लेकिन देश और बिहार की राजधानियों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है, जहां इस मुद्दे को लेकर कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हो रहा है. यह सवाल इस लिए उठ रहे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन में लड़ने की बात कर रहे हैं. फिर अखिलेश यादव लखनऊ में कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं.

पटना में तेजस्वी का प्रदर्शन

आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर के सामने स्थित शहीद स्मारक से मार्च शुरू किया. रैली बिहार लोक भवन की ओर बढ़ रही थी, लेकिन पुलिस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. पुलिस के मुताबिक, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के दौरान तेजस्वी ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्यपाल से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र को नष्ट कर रही है. इस दौरान राजद के कई नेता तेजस्वी को ले जा रहे पुलिस वाहन पर भी चढ़ गए.

इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पटना में तेजस्वी यादव का प्रदर्शन.

राहुल गांधी के प्रदर्शन से दूर क्यों हो रहे अखिलेश यादव?

संसद सत्र के दौरान पेपर लीक और इसका विरोध करने वाले छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के खिलाफ जब राहुल गांधी सड़क पर उतरे तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हर मौके पर उनके साथ जुगलबंदी करते दिखे. इस बार जब राहुल गांधी ने 6 अक्टूबर को संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर कूच करने निकले तब अखिलेश यादव दिखे तो लेकन उनका उत्साह वैसा नहीं दिखा. उसके बाद 7 अक्टूबर को जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन से पहले कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में लंच रखा तो वहां भी सपा का कोई नुमाइंदा नहीं दिखा. अब 8 अक्टूबर को प्रशासन की ओर से हर तरफ के रास्ते बंद किए गए तब राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ ज्यादा तैयारी के साथ दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करने पहुंचे. यहां से राजघाट जाकर महात्मा गांधी को नमन करने की तैयारी है. इस प्रदर्शन से भी अखिलेश यादव नदारद हैं.

तेजस्वी यादव तीन दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं.

सपा अध्यक्ष अपनी पार्टी के नेता पवन पांडे और स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं. इससे पहले 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी अखिलेश यादव नहीं पहुंचे थे. उस दिन वह राज्य सभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का नॉमिनेशन कराने चले गए थे.

हालांकि राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों में नहीं शामिल होने के सवाल पर अखिलेश यादव बात घुमाने की कोशिश करते दिखे. उन्होंने कहा कि अभी तो केवल लंच हुआ है. आगे ब्रेकफास्ट और डिनर डिप्लोमेसी देखने को मिल सकती है.

सीट शेयरिंग में कांग्रेस बना रही सपा पर दबाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस समाजवादी पार्टी पर दबाव बना रही है. प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम हर रोज सपा और अखिलेश यादव को निशाने पर ले रहे हैं. कांग्रेस की तरफ से कभी 150 तो कभी 200 सीटों की डिमांड कर रही है. वहीं अखिलेश यादव यूपी में कांग्रेस की हैसियत के हिसाब से सीटें देना चाहते हैं. इतना कुछ होने के बाद भी राहुल गांधी कांग्रेस अपने नेताओं को बयानबाजी से रोक नहीं रहे हैं.



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