3 साल ली कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग, कारगिल युद्ध में LOC पर रहे तैनात, जानें फिल्म से रियल फौजी कैसे बने नाना पाटेकर


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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से देश भर में शोक की लहर है. वे सिर्फ पर्दे के कलाकार नहीं थे, बल्कि फिल्म ‘प्रहार’ के लिए उन्होंने सेना की 3 साल तक सख्त ट्रेनिंग ली थी. इतना ही नहीं, 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान वे खुद एलओसी पर जवानों के साथ 2 महीने तक तैनात रहे थे. जानिए उनकी इस देशभक्ति की अनसुनी कहानी.

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आखिर फिल्म से रियल फौजी कैसे बने नाना पाटेकर?Zoom

नाना पाटेकर ने ली थी आर्मी की ट्रेनिंग (फोटो साभार-IMDB)

नई दिल्ली: बॉलीवुड के जाने माने एक्टर नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के चलते उनका निधन हो गया है. सिनेमा में कई एक्टर्स ने आर्मी अफसर के रोल निभाए हैं. लेकिन नाना पाटेकर की बात ही कुछ अलग थी. उन्होंने पर्दे पर फौजी बनने के लिए सिर्फ एक्टिंग नहीं की.

उन्होंने इस रोल को जीने के लिए इंडियन आर्मी की सख्त ट्रेनिंग ली थी. वे न सिर्फ फिल्मों में जवान बने, बल्कि असल जिंदगी में भी देश की सेवा के लिए बॉर्डर पर तैनात रहे.

तीन साल की ट्रेनिंग

साल 1991 में आई सुपरहिट फिल्म ‘प्रहार द फाइनल अटैक’ में नाना ने मेजर प्रताप चौहान का रोल निभाया था. इस फिल्म के डायरेक्टर भी वे खुद ही थे. अपने किरदार में जान फूंकने के लिए नाना ने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ लगभग तीन साल तक कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी. वे चाहते थे कि पर्दे पर उनका अनुशासन और कड़क अंदाज पूरी तरह असली दिखे. ट्रेनिंग के दौरान उनका भारतीय सेना से गहरा जुड़ाव हो गया और वे टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा बन गए.

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