सर्वपितृ अमावस्या पर विशेष संयोग, जरूर करें ये 3 काम, पूर्वज भर देंगे झोली
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Sarvapitri Amavasya Significance: 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या पर शनिश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का दुर्लभ संयोग बनेगा. उज्जैन के आचार्य के अनुसार इस दिन विशेष उपाय करने से साल भर पितरों का आर्शीवाद बना रहता है. आइए जानते हैं कौन से उपाय करना लाभदायक रहेगा.
उज्जैन. हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों की शांति और कृपा के लिए पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि आश्विन अमावस्या पर पूर्वज स्वर्ग से धरती पर आते हैं और अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं, इसलिए इस दिन पूर्वजों के निमित्त पूजा का विधान है. आश्विन अमावस्या को पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए भी उपाय किए जाते हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या का पर्व होगा. इस बार यह अमावस्या खास होने वाली है क्योंकि इस दिन शुभ संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं कौन से उपाय करना लाभदायक रहेंगे.
सर्वपितृ अमावस्या इस बार बेहद खास मानी जा रही है. इस दिन शनिश्चरी अमावस्या के साथ गजछाया योग का भी दुर्लभ संयोग बनेगा. ज्योतिष के अनुसार, पिछले 81 वर्षों में यह संयोग महज 12 बार बना है और अब 13वीं बार बनने जा रहा है. मान्यता है कि ऐसे शुभ संयोग में पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है.
इन कार्यों से पितृ होंगे प्रसन्न
1. मान्यता के अनुसार, सर्वपित्र अमावस्या के दिन कौओं को भोजन खिलाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और खूब आशीर्वाद देते हैं. इस दिन अगर यह जीव दिखे तो आदर पूर्वक भोज अवश्य करवाना चाहिए.
2. इस दिन धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना करने से पितृ प्रसन्न होते हैं. साथ ही पूजन के बाद गौ माता की सेवा जरूर करना चाहिए. इससे देवी-देवताओं के साथ पितृ देव भी प्रसन्न होते हैं. मौनी अमावस्या के दिन गाय को चारा खिलाना शुभ होता है.
3. सर्वपित्र अमावस्या के दिन तीन शुभ योग्य का निर्माण हो रहा है जो कि बहुत कम देखने को मिलता है. इसलिए इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान करने से वे प्रसन्न होते है. साथ ही इस दिन दान का भी महत्व है. दान करने से पुण्य मिलता है. पितरों को शांति मिलती है.
भूल से भी न करें ये कार्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के दिन भूलकर भी किसी व्यक्ति को बाल और नाखून नहीं काटना चाहिए. ऐसा करने से आपके पितृ नाराज हो सकते हैं और आपको पितृ दोष लग सकता है. इसके अलावा अमावस्या के दिन बाल धोना भी वर्जित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन बाल धोने से मनुष्य को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती है.