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Bhojpur Famous Barfi: बिहार के भोजपुर जिले के मलौर गांव की शुद्ध खोए वाली बर्फी अपनी गुणवत्ता के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है. दुकान संचालक अशोक कुमार ने 2 किलो से कारोबार शुरू किया था, जो आज उनकी लोकप्रियता के चलते उन्हें पंचायत का मुखिया भी बना चुका है.
भोजपुर: जिले में आरा शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर पिरो अनुमंडल मुख्यालय के समीप स्थित मलौर गांव अपनी खास और स्वादिष्ट बर्फी के लिए जाना जाता है. बिहार के भोजपुर जिले का मलौर गांव अपनी शुद्ध खोए की बर्फी के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध हो गया है. स्वाद और गुणवत्ता के दम पर इस मिठाई ने दुकान संचालक अशोक कुमार को नई पहचान दी है. अब इसे रेलवे स्टेशन पर भी उपलब्ध कराने की तैयारी है. आरा-पिरो मुख्य मार्ग पर स्थित साधु मिष्ठान भंडार के संस्थापक अशोक कुमार ने वर्ष 1982 में इस दुकान की शुरुआत की थी, जो आज इस गांव की पहचान बन चुकी है.
2 किलो बर्फी से हुई थी शुरूआत
अशोक कुमार बताते हैं कि जब उन्होंने दुकान शुरू की थी. तब रोजाना मुश्किल से 2 या 3 किलो बर्फी ही बिक पाती थी. समय के साथ बर्फी के स्वाद और शुद्धता ने लोगों का दिल जीत लिया और आज यहाँ रोजाना लगभग 40 किलो बर्फी तैयार की जाती है.
अब हर दिन होती है इतनी बिक्री
वर्तमान में दुकान पर हर दिन करीब 15000 रुपये की बर्फी व पेड़े की बिक्री होती है. बाजार में इस प्रसिद्ध बर्फी की कीमत 350 रुपये प्रति किलोग्राम है. जिसे लोग इसकी शुद्धता के कारण पसंद करते हैं.
लोकप्रियता और राजनीतिक सफर
बर्फी के लाजवाब स्वाद के कारण पहले मलौर गांव प्रसिद्ध हुआ. फिर अशोक कुमार को पूरे पंचायत में खास पहचान मिली. उनकी इस पहचान और ग्रामीणों के भरोसे के कारण स्थानीय लोगों ने उन्हें अपने पंचायत का मुखिया चुन लिया.
भविष्य की योजनाएं
मलौर की इस प्रसिद्ध बर्फी की मांग और लोकप्रियता को देखते हुए अब इसे बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है. भारतीय रेलवे की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत इस बर्फी को पिरो रेलवे स्टेशन पर बेचने और इसका आउटलेट लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि यात्री भी इसका स्वाद ले सकें.