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Darbhanga News: दरभंगा में BSAP महिला की जवानों की ट्रेनिंग के दौरान हादसा हो गया. आंसू गैस के गोले की ट्रेनिंग दी जा रही थी कि तभी जवान धुएं की चपेट में आने की वजह से बीमार हो गईं. 122 जवानों को अस्पताल ले जाया गया. जिनमें से पांच की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें भर्ती कर इलाज किया गया.
122 महिला जवानों की तबीयत बिगड़ी.
दरभंगाः बिहार के दरभंगा से बड़ी खबर सामने आई. जहां ट्रेनिंग के दौरान 122 महिला जवानों की एकाएक तबीयत बिगड़ गई. उन्हें उल्टियां होने लगीं. आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. बताया जा रहा है कि आंसू गैस के गोले का प्रशिक्षण दिया जा रहा था. इसी बीच टियर गैस छूट जाने से कई जवान धुएं की चपेट में आ गईं. उन्हें उल्टी और चक्कर आने लगे. एक के बाद एक 122 महिलाओं को इलाज के लिए दरभंगा DMCH ले जाया गया.
मामला 7 अक्टूबर का है. जब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की 37वीं वाहिनी के ट्रेनिंग सेंटर में बड़ी संख्या में जवानों की तबीयत बिगड़ गई. कुल 122 जवानों को इलाज के लिए DMCH लाया गया, जिनमें से ज्यादातर को प्राथमिक इलाज के बाद वापस कैंप भेज दिया गया. वहीं 5 जवानों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें भर्ती कर इलाज किया गया. बीएसएपी-13 के कमांडेंट रवीश कुमार ने बताया कि महिला सिपाहियों का पिछले करीब एक महीने से ट्रेनिंग चल रही है.
फूड प्वाइजनिंग से इनकार
ट्रेनिंग के दौरान टियर गैस का मॉक ड्रिल कराया जा रहा था. गर्मी ज्यादा होने की वजह से कुछ ट्रेनी पेड़ के नीचे बैठकर ड्रिल देख रहे थे. इसी दौरान टियर गैस छोड़े जाने से निकले धुएं का असर कुछ जवानों पर हुआ. उन्हें उल्टी समेत अन्य परेशानी होने लगी. कमांडेंट ने फूड पॉइजनिंग की बात से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि कैंप में करीब 1100 लोगों के लिए हर दिन भोजन तैयार होता है और वेज-नॉनवेज भोजन अलग-अलग बनाया जाता है.
बीमार जवानों ने क्या बताया?
प्रभावित जवानों ने खाना खाने के बाद प्रशिक्षण देखने के लिए वहां पहुंचने की बात बताई है. कमांडेंट के मुताबिक, कुछ जवानों को एहतियातन DMCH भेजा गया था. अधिकांश को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 5 जवानों का इलाज अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है.