सहारनपुर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले रोजाना यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ी बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली-सहारनपुर रेल रूट को डबल करने की मंजूरी मिल गई है. यह रूट दिल्ली से आगे गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए सहारनपुर तक जाता है. अभी इस रूट के कई हिस्सों में सिंगल रेल लाइन होने की वजह से ट्रेनों को रास्ते में रुकना पड़ता है. दोहरीकरण के बाद इस परेशानी में कमी आने की उम्मीद है.
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जो नौकरी, पढ़ाई, कारोबार या दूसरे कामों के लिए रोजाना इन शहरों के बीच सफर करते हैं. ट्रेन के रास्ते में बार-बार रुकने का समय कम होगा तो यात्रा भी पहले के मुकाबले आसान और तेज हो सकेगी.
175 किलोमीटर के रूट पर होगा काम
दिल्ली-सहारनपुर रेलखंड करीब 175 किलोमीटर लंबा है. यह पश्चिमी यूपी के कई अहम जिलों को दिल्ली से जोड़ता है. इस पूरे रूट के दोहरीकरण की योजना करीब 1,000 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च के साथ बनाई गई है. काम को एक साथ पूरा करने के बजाय अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा.
पहले चरण में होगा ये काम
पहले चरण में दिल्ली-शाहदरा से शामली के बीच करीब 87 किलोमीटर रेल लाइन को डबल करने पर फोकस किया जा रहा है. इस हिस्से के लिए जरूरी सर्वे का काम भी आगे बढ़ चुका है. इससे परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
अभी सिंगल लाइन होने से क्या परेशानी?
इस रूट पर अभी सिंगल लाइन होने की वजह से एक ही ट्रैक पर दोनों तरफ से ट्रेनों को चलाना पड़ता है. जब दो ट्रेनों को एक-दूसरे को रास्ता देना होता है तो किसी स्टेशन पर ट्रेन को रोकना पड़ सकता है. इसी वजह से कई बार यात्रियों की यात्रा का समय बढ़ जाता है.
खासकर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह परेशानी ज्यादा होती है. ट्रेन में बैठकर सफर पूरा करने के बावजूद उन्हें रास्ते में रुकने की वजह से ज्यादा समय देना पड़ता है. डबल लेन बनने के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों के चलने के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होगा. इससे ट्रेनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है और रास्ते में होने वाली देरी भी कम हो सकती है.
गाजियाबाद, मेरठ से शामली तक किसे होगा फायदा?
इस परियोजना का सीधा असर पश्चिमी यूपी के उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो रोजाना दिल्ली और आसपास के शहरों में आते-जाते हैं. गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से दिल्ली की तरफ आने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और कारोबारियों के लिए रेल सफर ज्यादा सुविधाजनक होने की उम्मीद है.
शामली और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई और काम के लिए दिल्ली-NCR की तरफ जाते हैं. अभी पैसेंजर ट्रेनों को दिल्ली पहुंचने में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे तक लग सकते हैं. दोहरीकरण के बाद इस सफर का समय घटने की उम्मीद है.
आगे नई ट्रेनों की राह भी आसान होगी
रेल लाइन डबल होने के बाद सिर्फ मौजूदा ट्रेनों की आवाजाही ही आसान नहीं होगी, बल्कि इस रूट की क्षमता भी बढ़ेगी. इससे आने वाले समय में ज्यादा ट्रेनों के संचालन की गुंजाइश बनेगी. लंबी दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए भी रास्ता आसान हो सकता है. इस रूट पर पहले से यात्रियों की आवाजाही काफी है. सितंबर 2026 में रेलवे ने मेरठ से सहारनपुर के बीच नई MEMU सेवा को भी मंजूरी दी थी, जिससे इस क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिला है.
रोज सफर करने वालों के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
पश्चिमी यूपी के लिए दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन सिर्फ एक रेलवे रूट नहीं है. इस पर रोजाना नौकरी करने वाले, छात्र, व्यापारी और दूसरे काम से सफर करने वाले लोग निर्भर हैं. इसलिए ट्रैक का दोहरीकरण होने से सिर्फ ट्रेन की रफ्तार का मामला नहीं है, बल्कि लोगों के रोज के समय की भी बचत हो सकती है.