किसान काटेंगे चांदी…इस बार नवरात्रि में हाथी पर आएंगी मां, 157 साल बाद ऐसा
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Sharadiya Navratri 2026 : शारदीय नवरात्रि शुरू होने वाली है. इस बार माता रानी के हाथी पर सवार होकर आने का संयोग बन रहा है. ऐसा 157 साल बाद होगा. नवरात्रि में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और माता रानी से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. . लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि प्रत्येक नवरात्रि में माता के वाहन में परिवर्तन होता है. इस बार आदिशक्ति जगदंबा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी. उनका हाथी पर आगमन देश और दुनिया के लिए कई बड़े संकेत लेकर आ रहा है. हाथी को सुख, समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है.
अयोध्या. सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है. नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और माता रानी से सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होने जा रही है. इस बार माता रानी के हाथी पर सवार होकर आने का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि नवरात्रि में माता रानी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व होता है. प्रत्येक नवरात्रि में माता के वाहन में परिवर्तन होता है. इस बार आदिशक्ति जगदंबा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी. ज्योतिषाचार्य के अनुसार माता का हाथी पर आगमन देश और दुनिया के लिए कई बड़े संकेत लेकर आ रहा है.
होगी अच्छी पैदावार
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हाथी को सुख, समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में इस नवरात्रि में किसानों के लिए भी शुभ संकेत दिखाई दे रहे हैं. देश में कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने और फसल की अच्छी उपज होने की संभावना है. इस दौरान गजलक्ष्मी का भी शुभ संयोग बन रहा है, जो धन-धान्य और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है. इस बार शारदीय नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है. साधकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. नौ दिनों तक की जाने वाली साधना, उपासना और मंत्र जाप से साधकों को आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है. मनोकामना और अभीष्ट सिद्धि के लिए भी यह नवरात्रि विशेष संयोग लेकर आ रही है.
देखती रह जाएगी दुनिया
पंडित कल्कि राम के अनुसार इस बार ग्रहों की चाल का एक विशेष संयोग बन रहा है, जिसे करीब 157 वर्षों के बाद बनने वाला महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बताया जा रहा है. यह नवरात्रि भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक प्रभाव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में सहायक हो सकती है. आने वाले समय में भारत अपने किसी बड़े निर्णय या कार्य को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बन सकता है. विश्व स्तर पर भारत के प्रति आकर्षण बढ़ने के साथ देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रभाव भी मजबूत होने के संकेत हैं.
होंगी अप्रत्याशित घटनाएं
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि नवरात्रि के दौरान देश और दुनिया में कुछ बड़ी और अप्रत्याशित घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. भारत के प्रति शत्रुता रखने वाले तत्वों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा की शक्ति नकारात्मकता का नाश करती हैं. ऐसे में हाथी पर माता रानी का आगमन देश में सुख, समृद्धि और शक्ति के विस्तार का संकेत माना जा रहा है.