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Rajasthan Panchayat Chunav 2026 : राजस्थान में पंचायत चुनाव बसपा अकेले लड़ेगी और किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी. पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और प्रदेश की सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है. राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होने हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है और चुनाव प्रक्रिया भी शुरू हो रही है. राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और ऐसा करके दो बार बसपा की पीठ में खंजर घोंपा.
राजस्थान पंचायत चुनाव: बसपा अकेले लड़ेगी, सभी सीटों पर उतरेगी
जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. बसपा ने ऐलान किया है कि पंचायत चुनाव में पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. पार्टी राजस्थान की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी.
बसपा नेताओं ने कहा कि पंचायत चुनाव में पार्टी किसी दूसरे दल के साथ समझौता नहीं करेगी. पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और प्रदेश की सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है. राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होने हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है और चुनाव प्रक्रिया भी शुरू हो रही है. ऐसे में राजनीतिक दल अब गांवों में अपने उम्मीदवारों की तलाश और चुनावी तैयारी में जुटे हैं.
कांग्रेस और भाजपा पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बसपा नेताओं ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधा. उनका कहना था कि पार्टी पंचायत चुनाव में इन दोनों दलों से अलग अपनी राजनीति और अपना संगठन लेकर जनता के बीच जाएगी. रामजी गौतम ने कहा कि बसपा को राजस्थान में तीसरे विकल्प के तौर पर जनता के सामने रखा जाएगा. पार्टी का फोकस पंचायत स्तर तक अपना संगठन मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर रहेगा.
गहलोत पर रामजी गौतम का हमला
राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और ऐसा करके दो बार बसपा की पीठ में खंजर घोंपा. गौतम ने यह बात पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कही. उनका आरोप कांग्रेस और खास तौर पर अशोक गहलोत पर है. यह बसपा की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है.
पंचायत चुनाव पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद अब गांवों में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव चार चरणों में होंगे. पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि सरपंच और पंच के लिए पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को कराया जाएगा. जयपुर समेत प्रदेश के जिलों में पार्टियां अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर काम कर रही हैं. कांग्रेस और अन्य दलों की ओर से भी पंचायत स्तर पर तैयारी की जा रही है. ऐसे में बसपा के सभी सीटों पर अकेले उतरने के ऐलान से पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है.
अब प्रत्याशियों पर रहेगा फोकस
बसपा के इस ऐलान के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी किन-किन सीटों पर किसे उम्मीदवार बनाती है. पंचायत चुनाव में स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों की पकड़ और गांव में उनकी पहचान अहम रहती है. बसपा ने फिलहाल गठबंधन की किसी संभावना को दरकिनार करते हुए अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है. प्रदेश अध्यक्ष सुमरत सिंह और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की इसी रणनीति को सामने रखा. अब आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम और सीटवार तैयारी को लेकर तस्वीर और साफ होगी.