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HDFC Bank MCLR : देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने अपनी MCLR 15 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती कर दी है. आज, 7 अक्टूबर को आरबीआई के रेपो रेट में इजाफा करने के बाद एचडीएफसी बैंक के एमसीएलआर कटौती के फैसले से कई लोग अचंभित हैं.
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज, 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी. इससे बैंक लोन महंगा हो सकता है. लेकिन, रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद भी देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंकने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 15 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती कर दी है. नई दरें आज से लागू हो गई हैं. इस कटौती का सीधा असर यह होगा कि बैंक से एमसीएलआर आधारित लोन लेने वाले ग्राहकों की लैंडिंग लागत घटेगी और उनकी मासिक ईएमआई कुछ कम हो सकती है.
एचडीएफसी बैंक ने ने सभी प्रमुख टेन्योर्स के लिए बेंचमार्क लेंडिंग रेट घटाए हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा उन ग्राहकों को मिलने की संभावना है जिनके होम, ऑटो या पर्सनल लोन MCLR बेंचमार्क से लिंक्ड हैं. ओवरनाइट MCLR रेट को 7.90% से घटकर अब 7.80% कर दिया गया है. 1 महीने की MCLR को 7.90% से घटकर 7.75%, 3 महीने की MCLR को 8.05% से घटकर 7.95% कर दिया गयाा है.
लॉन्ग-टर्म लेंडिंग रेट्स में भी की कटौती
एचडीएफसी बैंक ने शार्ट टर्म एमसीएलआार के साथ ही लॉन्ग टर्म एमसीएलआर में भी कटौती की है. 6 महीने की एमसीएलआर को 8.25% से घटकर अब 8.15% और 1 साल की एमसीएलआर को 8.35% से घटकर 8.30% कर दिया गया है. अधिकांश रिटेल लोन एक साल की एमसीएलआर से ही जुड़े होते हैं. 2 साल की MCLR को 8.45% से घटकर 8.40% और 3 साल की एमसीएलआर को 8.60% से घटकर 8.55% कर दिया गया है.
क्या लोन तुरंत सस्ता हा जाएगा?
MCLR में कटौती की घोषणा होते ही हर लोन लेने वाले की ईएमआईग् तुरंत कम नहीं होती. इसका फायदा कब और कितना मिलेगा, यह मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करता है-
- लोन का बेंचमार्क: यह कटौती केवल उन लोन पर लागू होगी जो MCLR सिस्टम से जुड़े हैं. जो नए लोन रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) से जुड़े हैं, उन पर इस कटौती का कोई असर नहीं होगा.