दिल्ली के लाल किला की रामलीला काफी लोकप्रिय है. हर साल ही नवरात्रों में यहां रामलीलाओं का आयोजन शुरू हो जाता है जो पहले दिन से और नौवें दिन तक चलता है. दशहरा वाले दिन रावण दहन होता है. इन्हें देखने के लिए इन 10 दिनों में लाखों की हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. हालांकि लालकिला की रामलीला को देखकर अक्सर ही लोगों को लगता है कि यहां एक भव्य रामलीला का आयोजन होता है, लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि यहां तीन रामलीलाएं एक साथ होती हैं. तीनों के ही लाउडस्पीकर बजते हैं और पंडाल लगते हैं. कई बार एक रामलीला में से निकलकर दर्शक दूसरे में पहुंच जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता, क्योंकि इतनी भीड़ होती है.
हालांकि इन तीनों ही रामलीलाओं में बड़ा अंतर होता है. आइए आज आपको बताते हैं इन तीनों रामलीलाओं की खासियत और क्या चीजें हैं जो अगली बार आप जाएं तो जरूर देखकर आएं.
दरअसल लाल किला परिसर में मुख्य रूप से दो बड़ी और पुरानी रामलीलाएं आयोजित होती हैं वहीं इसी परिसर के एक और पार्क में एक रामलीला होती है.ये रामलीलाएं यहां कई दशकों से चल रही हैं और दिल्ली की सबसे चर्चित रामलीलाओं में गिनी जाती हैं.
पहली है लव कुश रामलीला (Luv Kush Ramlila)
लालकिले में एक नहीं 3 रामलीला होती हैं, तीनों में अलग हैं ये चीजें, इस बार नवरात्र में जाएं तो जरूर देखकर आएं.
यह लाल किला ही नहीं बल्कि पूरे देश में होने वाली सबसे भव्य और आधुनिक रामलीला है. यहां मंच पर ज्यादातर कलाकार फिल्मी या टीवी के सितारे या बड़ी राजनीतिक और चर्चित हस्तियां होती हैं. ये ही यहां कलाकारों के किरदार निभाते हैं, इन्हें देखने के लिए दर्शक बड़ी संख्या में आते हैं. इतना ही नहीं इस रामलीला में हर साल कुछ न कुछ नई तकनीक, विदेशों के कलाकार या विदेशों से मंगाई गई विशेष चीजों का इस्तेमाल होता है जो हर साल दर्शकों के लिए कुछ नया अहसास देती हैं. इसका आयोजन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और रावण दहन 20 अक्टूबर (दशहरा) को होगा.
इस साल की बात करें तो मंच को मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है. मंच करीब 140-150 फीट लंबा, 60 फीट चौड़ा और 45 फीट ऊंचा चार मंजिला होगा. इसमें AI तकनीक, 3D मैपिंग, डॉल्बी साउंड और एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल हो रहा है. बॉलीवुड और टीवी के करीब 40 कलाकार विभिन्न भूमिकाओं में नजर आएंगे. अभी तक की जानकारी के अनुसार इसमें राजप्रेमी रावण, पेंटल नारद और मनोज तिवारी केवट की भूमिका में होंगे. यह रामलीला देश-विदेश के लगभग 100 चैनलों पर लाइव प्रसारित होती है.
दूसरी है श्री धार्मिक लीला कमेटी की रामलीला
यह दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक है. इसकी शुरुआत 1924 में हुई थी और 2026 में यह अपना 103वां वर्ष मना रही है.
यह दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक है. इसकी शुरुआत 1924 में हुई थी और 2026 में यह अपना 103वां वर्ष मना रही है. यह लाल किला के माधवदास पार्क, पुरानी लाजपत राय मार्केट के सामने होती है. इसका आयोजन 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक होगा.
इसकी खासियत है कि यह रामलीला एकदम पारंपरिक शैली में होती है. यहां जनक बाजार, झूले और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं का माहौल रहता है. राजनीतिक नेता भी अक्सर इस रामलीला में शामिल होते हैं. इसके कलाकार भी रामलीला वाले ही मंजे हुए होते हैं और बेहतरीन डायलॉग डिलिवरी इनकी खासियत है.
तीसरी है नव श्री धार्मिक लीला कमेटी की रामलीला
यह कमेटी श्री धार्मिक लीला कमेटी से अलग होकर बनी थी. यह रामलीला लाल किला मैदान के 15 अगस्त पार्क (15th August Park) में आयोजित की जाती है. यह स्थान दिगंबर जैन लाल मंदिर और चांदनी चौक बाजार के ठीक सामने लाल किले के प्रांगण में स्थित है. इस रामलीला में कई आधुनिक प्रयोग देखने को मिलते हैं, खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI). यह कमेटी पारंपरिक रामलीला में तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए जानी जाती है. इन्होंने लाइट और साउंड सिस्टम के साथ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और LED स्क्रीन्स को इंटीग्रेट किया है. उदाहरण के लिए, दृश्यों में रहस्य पैदा करने के लिए रावण का चेहरा सीधे न दिखाकर उसकी AI परछाई या रिफ्लेक्शन दिखाया जाता है. जेन जी को ध्यान में रखकर भजन जैमिंग और भजन क्लबिंग यहां की खासियत है.
इस साल 11 अक्टूबर से रामलीला का सिलसिला शुरू हो जाएगा, ऐसे में आप चाहें तो अपने मन से जिस रामलीला को चाहें देख सकते हैं.