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राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला सुप्रीम कोर्ट में है. आज, 7 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई थी. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की. आज राजपाल यादव को उनके केस में बड़ी राहत मिली. एक्टर सीजीआई के सामने आगे मनोरंजन करते रहने की बात कही. अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कई दलीलें पेश की.
राजपाल यादव के चेक बाउंस केस की आज सुनवाई थी. (फोटो साभार X@ Narendra Goswami)
नई दिल्ली. राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले की आज 7 अक्टूबर को सुनवाई थी. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद 3 जजों की बेंच ने राजपाल यादव को बड़ी राहत देते हुए उन्हें पैसे चुकाने के लिए कुछ और दिनों की मोहलत दे दी. इस सुनवाई से दौरान राजपाल यादव न्यायमूर्ति के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे और उन्होंने अपने पक्ष में 5 अहम दलीलें दीं.
एक्टर राजपाल यादव ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने हाथ जोड़कर अपना पक्ष रखा. सीजीआई (CJI) ने राजपाल यादव से कहा कि उन्हें अच्छी सी फिल्म बनाकर लोगों का मनोरंजन करना चाहिए.
राजपाल यादव के केस की आज सुनवाई थी. (फोटो साभार- X@Narendra Goswami)
अपनी 5 दलील में राजपाल यादव कहते हैं-
- एक्टर ने कहा कि फिल्म ‘अता पता लापता’ के चक्कर में वो पिछले 13 साल से वो दो-ढाई सौ करोड़( 200-250 करोड़) का नुकसान कर चुके हैं. बहुत सारी ब्रांडिंग जा चुकी है. उनके 17 करोड़ रुपये डूबे. राजपाल यादव का कहना है कि 5 करोड़ के चक्कर में उनके 17 करोड़ रुपये डूब चुके हैं.
- राजपाल यादव कहते हैं, वेनिस के सौदागर का केस है हुजूर. जब चाहो, जहां चाहो भेज दो. मैं हर समय रेडी हूं. 5 करोड़ ने 17 करोड़ को मिट्टी में मिला दिया. मुझे 2013 से 1 रुपया नहीं कमाने दिया गया.
- तीसरी दलील में राजपाल यादव कहते हैं कि साल 2013 से उनके खिलाफ प्रेंस कॉन्फ्रेंस की गई. फिल्म ‘अता पता लापता’ की रिलीज पर स्टे लगा दिया गया. फिल्म 1200 थिएटर्स में रिलीज होनी थी, लेकिन एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई.
- राजपाल कहते हैं कि शिकायतकर्ता को पहले 5 करोड़ के बदले 8 करोड़ मिलना था और बाकी सारे पैसे उनके होने वाले थे. 5 करोड़ के बदले 8 करोड़ रुपये तय हुए थे. एक्टर के मुताबिक शिकायतकर्ता ने साल 2012 में उनसे कहा था, ‘मैं 1000-1500 करोड़ के आदमी हूं. 5 करोड़ कहां आता-जाता है’.
- एक्टर के अनुसार शिकायतकर्ता ने कहा था, ‘अब तुम्हें कोर्ट में रगड़ूंगा’. राजपाल यादव कहते हैं ये 5 करोड़ 2012 में निपट रहा था. 5 करोड़ रुपये ने उनके 22 करोड़ रुपये डूबा दिए. 16 साल में 250 करोड़ की ब्रांडिंग खराब की. मेरी बेइज्जती हुई’.
राजपाल यादव चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से कहते हैं कि वो पूरी जिंदगी मनोरंजन करेंगे. माहौल को हल्का करते हुए सीजीआई ने एक्टर से कहा कि उन्हें अच्छी सी फिल्म बनाकर लोगों का मनोरंजन करना चाहिए. एक्टर ने आश्वासन देते हुए कहा कि वो अपने 16 सालों के संघर्ष पर फिल्म बनाएंगे. 2010 से लेकर 2026 तक पर वो फिल्म बनाएंगे जिसका नाम ‘16 सावन झेलकर’ होगा. इन दलीलों के आखिर में राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर 3 न्यायमूर्ति को प्रणाम किया जिसके साथ ही ये सुनवाई खत्म हो गई.