क्या है जर्मनी का जासूसी कांड, जिसमें फंसे खुफिया एजेंसी के पूर्वी चीफ

क्या है जर्मनी का जासूसी कांड, जिसमें फंसे खुफिया एजेंसी के पूर्वी चीफ


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क्या है जर्मनी का जासूसी कांड, जिसमें फंसे खुफिया एजेंसी के पूर्वी चीफ

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जर्मनी की फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के पूर्व चीफ ऑगस्त हैनिंग पर ही जासूसी और राजद्रोह के आरोप लगे हैं. जर्मन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. ऑगस्त 1998 से 2005 तक जर्मनी की खुफिया एजेंसी BND के चीफ रहे थे. उन पर एजेंसी की गोपनीय जानकारी से निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप है.

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जर्मनी के पूर्व खुफिया प्रमुख जिन पर जासूसी के आरोप लगे हैं. (फोटो-AP )

जर्मनी की फेडरल इंटेलीजेंस एजेंसी BND विवादों में हैं. खुफिया एजेंसी के 80 साल के पूर्व प्रमुख ऑगस्ट हैनिंग को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर जासूसी और राजद्रोह का आरोप लगाया गया है. हैनिंग 1998 से लेकर 2005 तक एजेंसी के चीफ रहे थे. अगर उन पर ये आरोप साबित होता है तो ये जर्मनी ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा जासूसी कांड होगा, जिसमें खुफिया एजेंसी के चीफ के शामिल होने की पुष्टि होगी.

जर्मनी के फेडरल प्रॉसीक्यूटर ऑफिस के मुताबिक हैनिंग ने इस काम में अपने पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ की मदद ली थी. देश के गोपनीय कानूनों के तहत पद पर होने की वजह से उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है. इसीलिए रिपोर्ट में हैनिंग की मदद करने वाले चीफ ऑफ स्टाफ का नाम मैनफ्रेड डी लिखा गया है. डी 2012 से लेकर अब तक हैनिंग के बाद एजेंसी की कमान संभालने वाले अधिकारियों के साथ काम कर रहा है. इसीलिए ये माना जा रहा है कि उस के पास कई अहम और गोपनीय जानकारियों तक पहुंच थी, जिसका लाभ हैनिंग ने उठाया.

क्या है जर्मनी का ये जासूसी कांड?

हैनिंग अब 80 साल के हैं. 2006 में खुफिया एजेंसी से अलग होने के बाद उन्होंने फेडरल मिनिस्ट्री में स्टेट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया था. इसके बाद वह एक निजी कंपनी में डिफेंस एडवाइजर के तौर पर जुड़ गए थे. हैनिंग पर आरोप है कि उन्होंने मैनफ्रेड डी की मदद से BND के तकरीबन 2000 से ज्यादा दस्तावेज हासिल किए. इनमें से कुछ दस्तावेज ऐसे थे जो बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण थे. उन पर आरोप है कि उन्होंने इन खुफिया जानकारी का प्रयोग निजी कंपनी को सलाह देने के लिए किया.

विदेशी खुफिया एजेंसी तक जानकारी पहुंचाने का आरोप

हैनिंग पर सबसे गंभीर आरोप एक विदेशी खुफिया एजेंसी तक जानकारी पहुंचाने का लगा है. हालांकि उन पर सीधे किसी विदेशी एजेंसी से संबंध का आरोप नहीं है, लेकिन एक खुफिया अधिकारी से उनकी मजबूत दोस्ती का खुलासा हुआ है. इसी के बाद से आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने BND की खुफिया जानकारी संबंधित व्यक्ति के साथ भी शेयर की है. हालांकि ये नहीं बताया गया है कि जानकारी किस देश के अधिकारी के साथ शेयर की गई. DW की एक रिपोर्ट में मामले की जांच कर रही एक टीम के हवाले से ये तक दावा किया कि हैनिंग ने उस विदेशी खुफिया सेवा के कर्मचारी के लिए दस्तावेज भी तैयार किए थे, हालांकि वह उस तक पहुंचे या नहीं इस बात का खुलासा नहीं हुआ.

अन्य देशों के साथ बैठकों की भी खुफिया रिपोर्ट

जो रिपोर्ट लीक हुईं हैं उनमें मित्र देशों की खुफिया एजेंसियों के साथ होने वाली नियमित बैठकों की रिपोर्ट भी शामिल है, जिसमें ईरानी परमाणु कार्यक्रम और रूसी सशस्त्र बलों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण तथ्य हैं. ऐसे में अगर जर्मन एजेंसी की गोपनीय जानकारी विदेशों तक पहुंचने की पुष्टि हुई तो जर्मनी खुफिया सेवा का मित्र एजेंसियों के साथ आपसी भरोसे का रिश्ता कमजोर हो सकता है.

पारिवारिक जांच के दौरान फंसे

ऑगस्ट हैनिंग इस मामले में एक पारिवारिक विवाद के दौरान फंसे. दरअसल 2025 में हैनिंग पर स्टेहाउस रेस्टोरेंट सीरीज की मालकिन क्रिस्टीना ब्लॉक के बच्चों के अपहरण कराने का आदेश देने का आरोप लगा था. इस मामले में ही पुलिस ने हैनिंग के घर की तलाशी ली थी. इसी तलाशी के दौरान जांच कर्ताओं को एक पेनड्राइव मिली थी, जिसमें बीएनडी के अति गोपनीय दस्तावेज थे. पुलिस ने इन्हें फेडरल जांच एजेंसी BND को ही सौंप दिया था. इसके बाद मई 2026 में हैनिंग और मैनफ्रेड डी के खिलाफ जांच शुरू हुई.

जर्मनी का सबसे बड़ा जासूसी कांड

जर्मनी की खुफिया एजेंसी BND में पहले भी जासूसी कांड सामने आए हैं, हालांकि इस बार आरोप ऐसे व्यक्ति पर है जो खुद एजेंसी का चीफ रहा है. सबसे पहले एजेंसी 1960 में जासूसी कांड में फंसी थी जब हेंज फेल्के नाम का अधिकारी सोवियत डिपार्टमेंट को लीड कर रहा था और सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी के लिए भी काम कर रहा था. 2014 में BND का ही एक कर्मचारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का जासूस निकला था. सितंबर और अक्टूबर 2022 में भी जर्मनी के एक एजेंट ने रूस की एफएसबी को सीक्रेट इंरफॉर्मेशन दी थी.



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