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Jio Platforms : जियो प्लेटफॉर्म ने अपने आईपीओ के साथ ही कमाई बढ़ाने पर भी जोर देना शुरू कर दिया है. कंपनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खर्च वाला समय अब बीत चुका है और कंपनी की ज्यादातर कमाई अब मुनाफे में बदलने वाली है.
जियो प्लेटफॉर्म ने कस्टमर बढ़ाने के साथ ही मुनाफे पर जोर देना शुरू कर दिया है.
नई दिल्ली. अभी तक निवेश और खर्च पर जोर दे रही जियो प्लेटफॉर्म लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) ने अब अपना प्लान बी शुरू किया है. कंपनी का कहना है कि नेटवर्क बनाने पर होने वाला खर्च अपने चरम पर पहुंच गया है. अब कंपनी आईपीओ की तैयारी करने के साथ ही अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और कस्टमर बेस से ज्यादा कमाई पर जोर दे रही है. इसके लिए कंपनी ने एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस, होम ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज़ से ग्रोथ बढ़ाने पर काम कर रही है. इससे पता चलता है कि कंपनी का खर्चा अब कम हो जाएगा और कमाई का अधिकतर हिस्सा मुनाफे में बदलेगा.
मामले से जुड़े सूत्रों का कह ना है कि जियो का सबसे ज्यादा खर्चे वाला दौर खत्म हो चुका है. अब कंपनी का जोर कस्टमर बेस से कमाई करने पर है. इसके अलावा डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने और ऑपरेटिंग कॉस्ट को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. खास बात ये है कि अब पूंजीगत खर्च को ज्यादा बढ़ाए बिना कंपनी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा EBITDA में जोड़ने की तैयारी में है. जियो का ध्यान अब सिर्फ कनेक्टविटी देने के बजाय डिजिटल सर्विस बिजनेस को बढ़ाने पर है. इसमें मोबिलिटी, होम, इंटरप्राइज और इंटरनेशनल टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर शामिल होंगे.
इसी महीने आने वाला है आईपीओ
मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी 21 से 23 अक्टूबर के आसपास अपना आईपीओ उतारने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि आईपीओ के लिए एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलेगी और 28 अक्टूबर तक इसकी लिस्टिंग हो सकती है. कंपनी का इंटरनेशनल रोड शो पूरा हो चुका है और विदेशी निवेशकों ने भी इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई है. विदेशी निवेशकों ने लिस्टेड कंपनियों की तुलना ज्यादा वैल्यूएशन पर निवेश की इच्छा जताई है. जियो का ग्राहक बेस देखा जाए तो 31 मार्च तक जियो प्लेटफॉर्म की टेलीकॉम यूनिट यानी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के 52.44 करोड़ ग्राहक थे. फिलहाल यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी बन गई है.
अभी और बढ़ेंगे ग्राहक
जियो के ग्राहकों की संख्या अभी और बढ़ने का अनुमान है. देश में अब भी 24 करोड़ 2जी ग्राहक हैं, जो आने वाले समय में 4जी या 5जी पर स्विच कर सकते हैं. अनुमान है कि इसका 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा जियो को मिलेगा और हर साल करीब ढाई करोड़ उपभोक्ता उसके साथ जुड़ सकते हैं. इससे प्रति कस्टमर औसत कमाई 5 से 6 फीसदी बढ़ सकती है. ब्रॉडबैंड सेक्टर में भी कंपनी 13 लाख किलोमीटर का फाइबर फूटप्रिंट तैयार कर चुकी है. कंपनी ने अभी तक 2.7 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक तैयार किया है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)