दिल्ली के नामी कॉलेज से पढ़ने वाली IAS बिहार में मचा रही धूम, गजब है छिरिड़ वाई भूटिया की कहानी

दिल्ली के नामी कॉलेज से पढ़ने वाली IAS बिहार में मचा रही धूम, गजब है छिरिड़ वाई भूटिया की कहानी


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Who is the Jehanabad DM: जहानाबाद की कलेक्टर साहिबा छिरिङ वाई भूटिया (Tshering Y. Bhutia) इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने मध्य विद्यालय मखदुमपुर के सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर मिड-डे मील खाया. उन्होंने खाने की क्वालिटी को खुद परखा और बच्चों से बातचीत भी की. डीएम ने बच्चों से नियमित स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा. निरीक्षण के दौरान 20 शिक्षकों में 17 उपस्थित मिले. वहीं 948 नामांकित बच्चों में सिर्फ 558 बच्चे स्कूल पहुंचे थे. करीब 58.86 फीसदी उपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई और इसमें तत्काल सुधार का निर्देश दिया. IAS भूटिया लगातार इंस्पेक्शन को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी.

छिरिङ वाई भूटिया का अंदाज सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं है. 21 अगस्त 2026 को उन्होंने काजीसराय के उत्क्रमित उच्च विद्यालय का इंस्पेक्शन किया. यहां डीएम छात्राओं के बीच पहुंचीं और उनके साथ बास्केटबॉल खेला. उन्होंने छात्राओं को खेल की कुछ तकनीकों के बारे में भी बताया. उनके इस अंदाज ने स्कूल की छात्राओं का उत्साह बढ़ाया. प्रशासनिक कामकाज के साथ बच्चों और युवाओं से सीधे जुड़ने की उनकी कोशिश उनके फील्ड विजिट में दिखाई देती है. स्कूलों में शिक्षा के साथ खेल और छात्र कल्याण पर भी वह जोर देती रही हैं. (फोटो साभारः फेसबुक District Administration Jehanabad)

जहानाबाद की डीएम के फील्ड विजिट की एक तस्वीर काफी खास रही. होरिलगंज स्थित कन्या मध्य विद्यालय में निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड-डे मील खाया था. डीएम ने भोजन की क्वालिटी को समझने के लिए खुद खाना चखा और बच्चों से बातचीत की. उन्होंने पढ़ाई, स्कूल आने और उनकी रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में भी जानकारी ली. सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर माहौल मिले, इसके लिए वह निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को करीब से देखने पर जोर देती हैं. उनका यह अंदाज बच्चों के बीच सहज संवाद का उदाहरण बना.

छिरिङ वाई भूटिया का क्लिफिकेशन बैकग्राउंड भी काफी मजबूत है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में ही मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और IAS अफसर बनीं. बिहार की 2026 सिविल लिस्ट में भी उन्हें 2013 बैच की IAS अधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है. प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ उनका शिक्षा और अकादमिक बैकग्राउंड भी उनकी पहचान का अहम हिस्सा है.

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छिरिङ वाई भूटिया मूल रूप से सिक्किम की रहने वाली हैं. UPSC पास करने के बाद वह IAS अधिकारी बनीं और शुरुआत में उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर मिला. बाद में उनकी निजी जिंदगी और कैडर से जुड़ी परिस्थितियों ने उनके करियर की दिशा बदली. उन्होंने बिहार कैडर में आने के लिए 8 साल तक कोशिश की. तब जाकर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर बिहार हुआ. जून 2026 में उन्होंने जहानाबाद के जिलाधिकारी के रूप में पदभार संभाला. अब जिले में स्कूलों से लेकर छात्र कल्याण तक उनके फील्ड विजिट लगातार चर्चा में हैं.

छिरिङ वाई भूटिया की लव स्टोरी भी दिलचस्प है. UPSC परीक्षा पास करने के बाद 2012 में वह मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग के लिए पहुंचीं. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2013 बैच के IAS अधिकारी आनंद शर्मा से हुई. दोनों अलग-अलग राज्यों से थे और ट्रेनिंग के दौरान उनकी बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई. बाद में दोनों ने शादी कर ली. ट्रेनिंग खत्म होने के बाद दोनों को अलग-अलग कैडर मिले. यहीं से दोनों के सामने साथ रहने और कैडर बदलने की चुनौती शुरू हुई.

शादी के बाद छिरिङ वाई भूटिया और आनंद शर्मा अलग-अलग कैडर में काम कर रहे थे. पति-पत्नी के बीच दूरी कम करने के लिए उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर का प्रयास शुरू किया. दस्तावेजों के मुताबिक, उन्होंने 2017 में पश्चिम बंगाल सरकार के सामने इसके लिए आवेदन किया था. बाद में कई बार आवेदन और अनुरोध किए गए. इस दौरान उनके प्रस्ताव पर अलग-अलग स्तर पर जवाब भी आए.. 2022 में बिहार सरकार की ओर से उनके इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए NOC जारी की गई. करीब 8 साल की कोशिश के बाद उनके बिहार आने का रास्ता साफ हुआ.

जून 2026 में जहानाबाद की डीएम बनने के बाद छिरिङ वाई भूटिया लगातार फील्ड में नजर आ रही हैं. स्कूलों के निरीक्षण के दौरान वह बच्चों से सीधे बातचीत करती हैं, उनके साथ भोजन करती हैं और खेल गतिविधियों में भी शामिल होती हैं. मध्य विद्यालय मखदुमपुर के निरीक्षण में उन्होंने कम छात्र उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए. उनका जोर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक माहौल पर है.

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