Vinegar Plant Business Idea: अगर आप भी अपना कारोबार शुरू करने का प्लान बना रहे हैं और कम निवेश में किसी काम की तलाश में हैं, तो सिरका बनाने का बिजनेस आपके बड़ा काम आ सकता है. मुरादाबाद में इस काम को शुरू करने के लिए उद्यान विभाग की ओर से योजना भी चलाई जा रही है. इस योजना के तहत सिरका बनाने वाली यूनिट लगाने पर 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
सिरका बनाने के लिए गन्ने के रस के अलावा सेब, जामुन और मोलासिस जैसे कच्चे माल का इस्तेमाल होता है. इन्हें एक खास प्रक्रिया से तैयार करके सिरका बनाया जाता है. जिले में फिलहाल सिरका बनाने का काम करने वाली तीन यूनिट चल रही हैं. अब केवल सिरका बनाने के लिए एक अलग यूनिट लगाने का विकल्प भी सामने आया है.
यूनिट लगाने पर मिलेगा 35 प्रतिशत तक अनुदान
उद्यान विभाग में डीआरपी के पद पर तैनात विमल कुमार तोमर ने बताया कि जिले में अभी सिरका बनाने वाली तीन यूनिट संचालित हैं. सरकार की योजना के तहत नई यूनिट लगाने पर 35 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा. उदाहरण के तौर पर अगर यूनिट लगाने में 10 लाख रुपये खर्च होते हैं तो करीब 3.50 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है. ऐसे में लाभार्थी को करीब 6.50 लाख रुपये अपनी तरफ से लगाने होंगे.
बिजनेस शुरू करने के लिए इन चीजों की जरूरत होगी
सिरका बनाने का काम शुरू करने के लिए सबसे पहले यूनिट लगाने की जगह की जरूरत होगी. इसके बाद सिरका तैयार करने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट, किण्वन के लिए टैंक, स्टोरेज टैंक और छानने की व्यवस्था करनी होगी. इसके अलावा सिरका भरने और पैकिंग के लिए मशीन, बोतल, ढक्कन, लेबल और दूसरी पैकिंग सामग्री की जरूरत होगी. यूनिट कितनी बड़ी है, उसी के हिसाब से मशीनरी और निवेश भी बढ़ सकता है.
गन्ने के रस से लेकर जामुन तक का कर सकते हैं इस्तेमाल
इस कारोबार में सबसे जरूरी कच्चा माल गन्ने का रस है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की उपलब्धता अच्छी होने के कारण स्थानीय किसानों, कोल्हू और गुड़ बनाने वाली इकाइयों से कच्चा माल लिया जा सकता है. इसके अलावा किस तरह का सिरका तैयार करना है, उसके हिसाब से सेब, जामुन और मोलासिस जैसे दूसरे कच्चे माल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
इन जगहों पर बेच सकते हैं तैयार सिरका
सिरका तैयार होने के बाद इसे किराना दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, अचार बनाने वाली इकाइयों और खाद्य उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर सप्लाई किया जा सकता है. स्थानीय बाजार के अलावा बोतलबंद सिरके को आप ऑनलाइन भी बेच सकते है. सिरके का इस्तेमाल खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ अचार और दूसरे खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने में भी किया जाता है. इसलिए बाजार में इसकी मांग बनी रहती है.
1 से 1.50 लाख रुपये तक हो सकता है मुनाफा
मान लीजिए कोई छोटी यूनिट रोजाना करीब 200 लीटर सिरका तैयार करती है और महीने में 25 दिन उत्पादन होता है. इस हिसाब से एक महीने में करीब 5,000 लीटर सिरका तैयार हो सकता है. अगर पैकिंग, कच्चे माल और दूसरे खर्च निकालने के बाद औसतन 20 से 30 रुपये प्रति लीटर का मार्जिन बचता है, तो करीब 1 लाख से 1.50 लाख रुपये महीने का मुनाफा हो सकता है. हालांकि, इसकी कमाई बिक्री के भाव, उत्पादन क्षमता, बिजली, मजदूरी, पैकिंग और बाजार तक पहुंच जैसे कई खर्चों पर निर्भर करेगी. लेकिन फिर भी अगर आप अपना कोई बिजनेस शुरू करने की सोच रहे है तो ये आइडिया आपके बड़ा काम आ सकता है.