Weight-Loss Injections For Brides: ‘पतली दुल्हन’ बनाने का नया बिजनेस! शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाओं को लेकर डॉक्टर क्यों दे रहे चेतावनी?

Weight-Loss Injections For Brides: ‘पतली दुल्हन’ बनाने का नया बिजनेस! शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाओं को लेकर डॉक्टर क्यों दे रहे चेतावनी?


पिछले साल द‍िसंबर में अपनी गायनकलॉज‍िस्‍ट के क्‍लीनिक पर ‘मोटापा कम करने’ के ल‍िए दवाओं के इस्‍तेमाल वाला पोस्‍टर देखा. पहली प्रेग्‍नेंसी के बाद दोबारा पुराने वजन पर पहुंचना कई महिलाओं के ल‍िए बेहद मुश्किलभरा सफर हो जाता है. इसल‍िए पोस्‍टर देखते ही लगा, इस बार प्रेग्‍नेंसी के बाद वजन कम नहीं हुआ तो इन दवाओं का इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है. अब तो बाजार में लीगल भी है. पर ऐसा सोचने वाली मैं अकेली नहीं थी. अक्‍टूबर, 2025 में वजन घटाने वाली दवाएं भारत के बाजार में उतरीं और कई क्लीनिक्‍स ने इसे ‘कॉस्‍मेट‍िक ट्रीटमेंट’ के ल‍िए इस्‍तेमाल करना शुरू कर द‍िया. ऐसे ऑफर्स का सबसे पहले टारगेट बनीं वो लड़क‍ियां जो अपनी शादी यानी उस खास द‍िन पर सबसे सुंदर और छरहरी काया में नजर आना चाहती थीं. लेकिन क्‍या सच में ये दवाएं ‘प्री-वेड‍िंग पैकेज’ की तरह बेची जानी चाहिए? क्‍या स‍िर्फ शादी के द‍िन या क‍िसी इवेंट में पतला नजर आने के ल‍िए ऐसे ट्रीटमेंट लेना कारगर है?

क्‍लीनिक्‍स बेच रहे हैं ‘मॉनजारो ब्राइड’ पैकेज
द‍िल्‍ली के लाजपत नगर से लेकर नोएडा के सेक्टर 16 तक, ऐसे कई ‘वेट लॉस क्‍लीनिक’ हैं, जो 3-3 महीने वाले प्रीवेड‍िंग वेट-लॉस पैकेज बेच रहे हैं, जो GLP-1 ड्रग्‍स पर आधारित है. मॉनजारो और ओजेंपिक जैसी GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) ड्रग्‍स असल में डायब‍िटीज के इलाज के ल‍िए बनाई गई थीं. लेकिन इन्‍हें मोटापा कम करने के ल‍िए भी अप्रूव कर द‍िया गया है. ये दवाएं आमतौर पर सप्ताह में एक बार लगाए जाने वाले इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं. इन्हें पहले से भरी हुई विशेष पेन की मदद से पेट, जांघ या ऊपरी बांह में लगाया जाता है. हालांकि अभी तक भारतीय मरीजों पर ये दवाएं कैसे काम कर रही हैं और इनका क्‍या असर हो रहा है, इसका हमारे पास ज्‍यादा डाटा नहीं है. इसके बावजूद ये दवाएं मूल्य के हिसाब से भारत के फार्मास्युटिकल बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड वाली दवाओं में शामिल हो चुकी हैं, वो भी बस एक साल में. कई क्‍लीनिक्‍स तो इन दवाओं का कॉस्‍मेट‍िक इस्‍तेमाल करते हुए ‘मॉनजारो ब्राइड’ जैसे प्री-वेड‍िंग पैकेज तक बेच रहे हैं, ताकि शादी से पहले वजन घटाया जा सके. पर बड़ा सवाल ये है कि आखिर इन ‘पतली दुल्‍हनों’ का क्‍या हुआ? क्या घटा हुआ वजन बना रहता है, या तीन महीने का पैकेज खत्म होते ही भूख और वजन वापस आ जाता है?

शादी से पहले वजन घटाने वाली दवाओं को लेकर डॉक्टर क्यों दे रहे चेतावनी?
एक साल में 100 से ज्‍यादा दुल्‍हनें पतली
Indian Express की ताजा रिपोर्ट में लाजपत नगर के एक ‘वेट लॉस क्लिनिक’ का ज‍िक्र किया गया है, जो ऑफर देता है कि तीन महीने में “मॉनजारो की मदद से वजन कम करने” का प्रोग्राम सिर्फ 30,000 रुपये में. 30,000 के इस पैकेज में डॉक्‍टर का कंसल्‍टेशन, डाइटिशियन और इंजेक्शन सब शामिल है. पैकेज लेने वालों को डाइटिशियन ग्रुप में जोड़ दिया जाता है और वो डाइट को कंट्रोल कर तीन महीने में वजन घटा देंगे. इस क्‍लीनिक का एक सीनियर स्‍टाफ बताता है कि यहां ज्यादातर क्लाइंट शादी से पहले आते हैं. पिछले एक साल में इस क्‍लीनिक ने करीब सौ दुल्हनों को उनका मनचाहा वजन दिलाने में मदद की है. हालांकि एंडोक्रिनोलॉजिस्ट वजन कम करने की इस अप्रोच को पूरी तरह खारिज करते हैं क्‍योंकि मोटापा किसी कैलेंडर को फॉलो नहीं करता.

शॉर्ट टर्म इस्‍तेमाल के ल‍िए नहीं बनीं ये दवाएं
इस रिपोर्ट में मैक्स हॉस्पिटल के एंडोक्रिनोलॉजी चेयरमैन डॉ. अम्बरीश मिथल बताते हैं, ‘इनमें से कोई भी दवा कॉस्मेटिक या शॉर्ट टर्म इस्तेमाल के लिए नहीं है. ये दवाएं लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए हैं. इस तरह की दवाओं में ज्यादातर मरीजों को वजन बनाए रखने के लिए मेंटेनेंस डोज की जरूरत पड़ती है.’ डॉक्‍टर म‍िथल कहते हैं कि दुल्‍हन बनने वाली लड़क‍ियों को इन दवाओं का सबसे पहला टारगेट इसल‍िए बनाया जाता है क्‍योंकि वो सबसे आसान है. शादी में दुल्‍हन कैसी द‍िखती है, उसपर सैकड़ों नजरें होती हैं. शादी के बाद भी हर फंक्‍शन में दुल्‍हन की सुंदरता या उसका लुक चर्चा का व‍िषय रहता है. असल में ये दवाएं तीन महीने के पैकेज के ल‍िए नहीं बनीं. दवा सुरक्ष‍ित तरीके से कब बंद करनी है, ये प्रोसेस काफी स्‍लो है. इसके ल‍िए महीनों न‍िगरानी रखनी होती है. देखना होता है कि क्या वजन बना रहा है, मेटाबॉलिक मार्कर्स नॉर्मल हुए हैं या नहीं और लाइफस्टाइल बदलाव इतने सही हो चुके हैं कि दवा के ब‍िना भी वजन कंट्रोल हो सकता है.

दरअसल ऐसे कई क्‍लीनिक ऐसा द‍िखावा करते हैं कि ये एक मेड‍िकल प्रोग्राम है और इसे ट्रेंड डॉक्‍टर की देखरेख में दिया जा रहा है. लेकिन कई बार ये ट्रेंड डॉक्‍टर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट नहीं, बल्‍कि डर्मेटोलॉजिस्ट होता है. डॉ. म‍िथल इस र‍िपोर्ट में बताते हैं कि जो लोग शादी की तारीख को ध्यान में रखकर दवा शुरू करते हैं, उन्हें भी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए, जो न सिर्फ इवेंट से पहले बल्कि उसके बाद भी स्वास्थ्य की निगरानी कर सके.

एंडोक्रिनोलॉजिस्ट वजन कम करने की इस अप्रोच को पूरी तरह खारिज करते हैं क्‍योंकि मोटापा किसी कैलेंडर को फॉलो नहीं करता. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

20 क‍िलो वजन कम, पर ब‍िगड़े हार्मोन और थायरॉइड
सबसे बड़ी परेशानी ये है कि इन दवाओं को लोग ‘जादुई’ समझ रहे हैं कि इन्‍हें लेते ही वजन कम हो जाएगा. जबकि सच ये है कि स‍िर्फ दवा अकेले कुछ नहीं करती. इसके साथ लाइफस्‍टाइल बदलाव, वकर्आउट भी बेहद जरूरी होते हैं. इंड‍ियन एक्‍सप्रेस की र‍िपोर्ट में एक मरीज के बारे में बताया गया है, ज‍िसे 20,000 में मॉनजारो के इंजेक्‍शन दे द‍िए गए. दरअसल लुधियाना की 23 साल की साइंस ग्रेजुएट ने सितंबर 2025 की अपनी शादी से छह महीने पहले फैसला किया कि उसे अपने 108 किलो वजन में से कुछ कम करना है. वजह थी उनकी खुद की कजिन, ज‍िसने शादी से पहले ऐसे इंजेक्‍शन लेकर 50 क‍िलो वजन कम कर ल‍िया था. पूरे परिवार में उसी की चर्चा थी तो उन्‍होंने भी इसे आजमाने का सोचा. पहली ही विजिट पर उन्हें थोक में मॉनजारो के इंजेक्‍शन दे दिए गए. मेडिकल हिस्ट्री से जुड़ा कोई सवाल नहीं, कोई बेसलाइन टेस्ट नहीं. बस तीन महीने के कोर्स के लिए 20,000 रुपये दिए और इंजेक्शन हाथ में लेकर निकल गईं. क्‍लीनिक ने दवा की डोज बढ़ाने को कहा और 12.5 मिलीग्राम तक कर दी, जो लगभग अध‍िकतम ल‍िम‍िट है.

इस लड़की ने 40 दिन में 20 क‍िलो वजन कम कर ल‍िया. लेकिन शादी से लगभग 2 महीने पहले इतने साइड इफेक्‍ट हुए कि द‍िल्‍ली के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट को द‍िखाना पड़ा. डॉक्टर ने बताया कि जब वे हमारे पास आईं, तो उन्हें मतली, थकान, बाल झड़ना, मासिक धर्म में बदलाव और मूड स्विंग हो रहे थे. बहुत ज्यादा मसल मास भी कम हो गया था. चेहरे पर मुंहासे फूट आए थे. कंसल्‍टेशन के दौरान वो बहुत ही टेंशन में थीं. पर अब उनकी च‍िंता वजन नहीं थी. जब उनकी पूरी जांच की तो पाया कि उनके हार्मोन पूरी तरह गड़बड़ हैं, पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित हैं, थायरॉइड गड़बड़ है. इतनी सारी परेशानियों के बाद भी वो ब‍िना सही डॉक्‍टरी देखरेख के वो मॉनजारो ले रही थीं.

यानी दवा ने वो तो कर द‍िया, ज‍िसके ल‍िए उसे बेचा जा रहा था, वजन कम करना. लेकिन उसके साथ जो आया उसके ल‍िए उनका शरीर तैयार नहीं था. उन्हें सही डाइट चार्ट, एक्सरसाइज और मॉनजारो की खुराक धीरे-धीरे कम करके मेंटेनेंस डोज तक लाने की सलाह दी, ताकि दवा का असर धीरे-धीरे खत्म हो.

सच ये है कि इन दवाओं का महिलाओं पर लंबे समय में क्‍या असर होगा, इसपर अभी बहुत कुछ साफ नहीं है. खासकर भारत जैसे देशों में बड़े पैमाने पर महिलाओं पर किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों की कमी है. इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि केवल शादी, सोशल मीडिया या सौंदर्य के दबाव में आकर इन दवाओं का इस्तेमाल करना समझदारी नहीं है. ‘3 महीने में हो जाएं पतली’ जैसे जुमले सुनने में भले ही मजेदार और लुभावने लगें लेकिन बाजार में ब‍िक रहीं इन ‘मोटापा कम करने वाली दवाओं’ का ये सच नहीं है. इनका उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब डॉक्टर इसकी सलाह दें और पूरी चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध हो.



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