शारदीय नवरात्रि पर माता की सवारी दे रही शुभ संकेत, भक्तों के लिए कल्याणकारी होंगे 5 विशेष योग

शारदीय नवरात्रि पर माता की सवारी दे रही शुभ संकेत, भक्तों के लिए कल्याणकारी होंगे 5 विशेष योग


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नवरात्रि पर माता की सवारी दे रही शुभ संकेत, कल्याणकारी होंगे 5 विशेष योग

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Navratri 2026: ज्योतिषाचार्य अमर डब्बावाला के अनुसार, श्रीमद् देवी भागवत में वार के आधार पर मां दुर्गा के वाहन का उल्लेख मिलता है. इस बार रविवार को नवरात्रि का आरंभ होने से देवी हाथी पर सवार होकर आएंगी. माता का यह आगमन सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति का संकेत माना जाता है.

उज्जैन. हिंदू धर्म में नवरात्रि के 9 दिन सबसे पवित्र दिनों में माने जाते हैं. मान्यता है कि सालभर में कुल चार नवरात्रि आती हैं. हर साल अश्विन माह में शारदीय नवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है. सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है. नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान भगवती पूरे 9 दिन तक धरती पर भक्तों को आशीर्वाद देने लिए आती हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि शुरू होने में केवल कुछ ही दिन बचे हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य अमर डब्बावाला के अनुसार, इस बार माता की सवारी हाथी बेहद शुभ संकेत दे रही है.

ज्योतिषाचार्य अमर डब्बावाला ने लोकल 18 से कहा कि शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है. पहले दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को होगा और अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा.

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि पर्व का शुभारंभ होगा. इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार को चित्रा नक्षत्र में हो रही है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, श्रीमद् देवी भागवत में वार के आधार पर देवी के वाहन का उल्लेख मिलता है. रविवार को नवरात्रि आरंभ होने से इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी. देवी का यह आगमन सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति का संकेत माना गया है. इस दौरान साधना करने वाले भक्तों को मंगलकारी फल और माता का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.

वाहन हाथी होना कल्याणकारी संकेत
श्रीमद् देवी भागवत के अनुसार, जिस दिन नवरात्रि का आरंभ होता है, उस दिन के अनुसार माता का वाहन तय होता है. इस बार रविवार होने से वाहन हाथी होगा. इस दृष्टि से यह अनुकूल होने के साथ-साथ कल्याणकारी संकेत है. इसके अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन कहीं-कहीं उतार-चढ़ाव की स्थिति भी निर्मित होगी. भारतीय निर्यात नीति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता अनुभव होगी. इस बार नवरात्रि पूरे 9 दिन के हैं. किसी भी तिथि का क्षय नहीं है. इस दृष्टि से उपासक और साधकों के लिए ये 9 दिन विशिष्ट अनुष्ठान और विशिष्ट संकल्पों की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ कालखंड रहेगा.

शुभ संयोगों में मनाया जाएगा नवरात्रि पर्व
धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देखें, तो नवरात्रि महापर्व काल में यदि कोई विशिष्ट योग संयोग उपस्थित होते हैं, तो पर्व का महत्व बढ़ जाता है. इस बार नवरात्रि में एक अमृत सिद्धि योग (14 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि), दो सर्वार्थ सिद्धि योग (18 अक्टूबर, सप्तमी तिथि) और 19 अक्टूबर महाअष्टमी को दो रवि योग भी बन रहे हैं. इस दौरान देवी की साधना-उपासना के साथ-साथ भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन आदि की खरीदी की जा सकती है.



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