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जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर के एमएलए प्रशांत किशोर ने बिहार एमएलसी चुनाव में जेडीयू कैंडिडेट नीरज कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है, प्रशांत किशोर ने 6 अक्टूबर 2026 को मीडिया के सामने कहा, ‘कल-परसों से वह आदमी रोज गाना गा रहा है कि नीतीश कुमार का समर्थन हमको है. अगर ऐसा है तो नीतीश कुमार कैमरे के सामने आकर एक लाइन नीरज कुमार के समर्थन में बोलकर दिखा दें, जन सुराज अपना कैंडिडेट वापस ले लेगा. क्या ऐसा होगा तो मोकामा के बाहुबली जेडीयू विधायक अनंत सिंह के करीबी अपना पर्चा वापस ले लेंगे?
प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार को क्या चैलेंज दिया है?
पटना. बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले पटना स्नातक सीट की लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. जेडीयू ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को फिर मैदान में उतारा है, वहीं प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने डॉ. अनुज कुमार सिंह को उनके सामने खड़ा किया है. अनुज कुमार का मोकामा के बाहुबली जेडीयू सांसद अनंत सिंह का पहले ही खुला समर्थन है. इसी बीच प्रशांत किशोर ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना में नीरज कुमार को ऐसी चुनौती दी है, जिसकी चारों तरफ चर्चा शुरू हो गई है. प्रशांत किशोर ने कहा, नीरज कुमार बीते कुछ दिनों ढोल पीट रहे हैं कि उनको नीतीश कुमार का समर्थन मिल गया है. अगर ऐसा है तो नीतीश कुमार खुद कैमरे के सामने आकर नीरज कुमार के समर्थन में एक लाइन बोल दें. जन सुराज अपना उम्मीदवार वापस ले लेगी.’
सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर की यह चुनौती खूब वायरल हो रही है. दरअसल, पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार को पहले से ही अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने के लिए खुलकर मोर्चा खोल रखा है और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन दिया है. हालांकि प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया है कि अनंत सिंह जन सुराज में नहीं हैं और पार्टी केवल अपने उम्मीदवार तथा कार्यकर्ताओं के लिए जिम्मेदार है.
प्रशांत किशोर का नीरज कुमार को खुला चैंलेज
यानी एक तरफ जेडीयू का आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार हैं, दूसरी तरफ उनकी पार्टी के भीतर से ही अनंत सिंह का विरोध सामने है और तीसरी तरफ जन सुराज ने अनुज कुमार को उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. नीरज कुमार के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक आधार नीतीश कुमार का समर्थन माना जा रहा है. नामांकन से पहले जब उनसे चुनौती को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके लिए एक ही शक्ति केंद्र है और वह नीतीश कुमार हैं और अब जय निशांत तय निशांत हैं. नीरज कुमार बार-बार नीतीश कुमार के आशीर्वाद को अपनी पूंजी बता रहे हैं. इस पीर अनंत सिंह ने भी पहले तंज कसा और अब पीके ने भी चैलेंज कर दिया.
नीरज कुमार की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
प्रशांत किशोर ने जन सुराज उम्मीदवार दिव्या ज्योति की नामांकन सभा में कहा कि अगर नीतीश कुमार खुद कैमरे के सामने आकर नीरज कुमार के पक्ष में वोट मांग दें तो जन सुराज अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब नीरज कुमार लगातार कहते रहे हैं कि नीतीश कुमार का आशीर्वाद उनके साथ है. इस लिहाज से पीके ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है.
अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद अब जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व नीतीश कुमार तक पहुंचा.
अनंत सिंह के बाद नीरज कुमार के सामने एक और चुनौती
पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरण में अनंत सिंह का विरोध इस मुकाबले को और जटिल बना रहा है. अनंत सिंह ने पहले ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह नीरज कुमार को चुनाव नहीं जीतने देंगे. उन्होंने नीरज पर पुराने राजनीतिक मतभेदों के आरोप भी लगाए हैं. बाद में जेडीयू ने अनंत सिंह के विरोध के बावजूद नीरज कुमार को तीसरी बार टिकट दिया. इसके बाद अनंत सिंह का समर्थन जन सुराज के अनुज कुमार की तरफ जाता दिखा. इससे पटना स्नातक सीट पर तीन अलग-अलग राजनीतिक धाराएं दिखाई दे रही हैं.
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर नीतीश कुमार ऐसा करते हैं तो पीके के सामने अपना उम्मीदवार वापस लेने की सार्वजनिक चुनौती है. अगर ऐसा नहीं होता, तो प्रशांत किशोर इसी मुद्दे को जेडीयू के खिलाफ राजनीतिक तर्क के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार को ऐसी चुनौती दी है, जिसमें गेंद सीधे नीतीश कुमार के पाले में डाल दी गई है.