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Aloo Tamatar Recipe: भरतपुर के ग्रामीण इलाकों और कई आश्रमों में आज भी सादा और सात्विक भोजन पसंद किया जाता है. बिना लहसुन-प्याज की तोरई, आलू और टमाटर से बनने वाली यह सब्जी अपने सरल स्वाद के लिए खास मानी जाती है. साधु-संतों और आम लोगों के बीच लोकप्रिय इस देसी सब्जी को कम मसालों में आसानी से तैयार किया जा सकता है. जानिए इसकी आसान और स्वादिष्ट रेसिपी.
भरतपुर: आपने एक से बढ़कर एक खास सब्जियां का स्वाद चखा होगा लेकिन आज हम आपको बताएंगे साधु संतों और भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक बनने वाली बिना लहसुन प्याज की सिंपल सब्जी के बारे में जो भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग सादा और सिंपल भोजन खाना पसंद करते हैं. खासकर साधु-संत आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर बिना लहसुन-प्याज और अधिक मसालों के भोजन बनाने की परंपरा देखने को मिलती है.
ऐसे में घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली तोरई, आलू और टमाटर से तैयार होने वाली सादा सब्जी स्वाद के साथ-साथ बेहद आसान भी है. इस सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले तोरई और आलू को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें इसके बाद तोरई को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें और आलू को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें साथ ही दो से तीन पके हुए टमाटरों को बारीक काट लें अब कड़ाही में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें
शुरुआत में ज्यादा पानी डालने की जरूरत नहीं
इसमें जीरा डालकर इसके बाद कटे हुए आलू डालकर कुछ मिनट तक हल्का भून लें अब इसमें कटी हुई तोरई और टमाटर डाल दे स्वाद के अनुसार नमक और हल्दी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें इसके बाद कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर सब्जी को पकने दें तोरई पकने के दौरान पानी छोड़ती है. इसलिए शुरुआत में ज्यादा पानी डालने की जरूरत नहीं होती अगर जरूरत लगे तो थोड़ा सा पानी डाल सकते हैं.
रोटी या गर्मागर्म पराठे के साथ परोसी जा सकती
धीमी आंच पर कुछ देर पकाने के बाद जब आलू और तोरई अच्छी तरह नरम हो जाएं और टमाटर सब्जी में अच्छी तरह मिल जाएं तो इसे एक बार चला लें चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में थोड़ा सा देसी घी भी डाल सकते हैं. इस तरह बिना लहसुन-प्याज और बिना ज्यादा मसालों के तैयार होने वाली यह सादा सब्जी रोटी बाजरे की रोटी या गर्मागर्म पराठे के साथ परोसी जा सकती है.
सब्जियां साधु संत और ग्रामीण क्षेत्रों में ही बनती
ग्रामीण इलाकों के पारंपरिक भोजन की खासियत यही है कि कम सामग्री और कम मसालों में भी स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है. विशेषकर इस प्रकार की सब्जियां साधु संत और ग्रामीण क्षेत्रों में ही बनती है. और मिलती है.इसीलिए यह खास रेसिपी और आप भी अपने घर पर बनाना चाहते हैं. तो इस तरीके से ट्राई कर सकते हैं.