न ट्रैकसूट, न महंगे जूते… साड़ी में दौड़ीं झारखंड की सुनीता-जागेश्वरी; 7 मिनट में पूरी की रेस

न ट्रैकसूट, न महंगे जूते… साड़ी में दौड़ीं झारखंड की सुनीता-जागेश्वरी; 7 मिनट में पूरी की रेस


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Jharkhand News : झारखंड के रामगढ़ में होमगार्ड बहाली के ट्रायल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वजह है दो ग्रामीण महिलाएं, जिन्होंने न ट्रैकसूट पहना, न कोई खास सुविधा ली, बल्कि साड़ी में ही 1600 मीटर की दौड़ लगा दी. बूढ़ा खुखरा गांव की सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी ने दावा किया कि उन्होंने 8 मिनट की तय दौड़ महज 7 मिनट में पूरी की.

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सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी साड़ी पहनकर ही मैदान में उतर गईं और दौड़ पूरी कर सबको चौंका दिया.

रामगढ़. न ट्रैकसूट था, न महंगे जूते और न ही दौड़ की खास तैयारी के लिए कोई सुविधा. फिर भी हौसला ऐसा कि साड़ी संभालते हुए 1600 मीटर की दौड़ पूरी कर दी. रामगढ़ में होमगार्ड बहाली के ट्रायल के दौरान दो महिलाओं का यह जज्बा अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. रामगढ़ प्रखंड के सुदूरवर्ती बूढ़ा खुखरा गांव की रहने वाली सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी साड़ी पहनकर ही मैदान में उतर गईं और दौड़ पूरी कर सबको चौंका दिया.

होमगार्ड बहाली के लिए रामगढ़ के सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में ट्रायल चल रहा था. इसी दौरान बूढ़ा खुखरा गांव की महिलाएं भी पहुंचीं. उनके पास दौड़ने के लिए ट्रैकसूट नहीं था. लिहाजा उन्होंने उसी साड़ी में दौड़ने का फैसला किया, जिसे पहनकर वे मैदान तक पहुंची थीं. महिलाओं के मुताबिक होमगार्ड बहाली के ट्रायल में 1600 मीटर की दौड़ 8 मिनट में पूरी करनी थी. लेकिन साड़ी में दौड़ते हुए उन्होंने यह दूरी करीब 7 मिनट में ही पूरी कर ली. सुनीता देवी की उम्र 36 वर्ष है, जबकि जागेश्वरी कुमारी 28 वर्ष की हैं.

खेती-बाड़ी करती हैं, सुबह 4 बजे निकलती हैं दौड़ने

रामगढ़ की इन महिलाओं की कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है. वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं और खेती-बाड़ी कर परिवार का जीवन चलाने में मदद करती हैं. इसके साथ ही होमगार्ड में भर्ती होने की तैयारी भी कर रही हैं. सुनीता और जागेश्वरी बताती हैं कि वे रोज सुबह करीब 4 बजे घर से दौड़ने के लिए निकलती हैं. गांव की दूसरी महिलाएं और लड़कियां भी होमगार्ड बहाली की तैयारी कर रही हैं. लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे ट्रैकसूट, जूते या दूसरी जरूरी सुविधाएं खरीद सकें.

संसाधन कम, हौसला नहीं

महिलाओं का कहना है कि उनके पास तैयारी के लिए संसाधनों की कमी है. इसके बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. साड़ी पहनकर दौड़ना उनके लिए कोई शौक नहीं, बल्कि परिस्थितियों से निकला रास्ता है. बूढ़ा खुखरा गांव की इन महिलाओं का कहना है कि अगर संसाधन नहीं हैं तो क्या हुआ, मेहनत और हिम्मत तो उनके पास है. इसी भरोसे के साथ वे सुबह अंधेरे में घर से निकलती हैं और दौड़ की तैयारी करती हैं.

284 पदों पर होनी है होमगार्ड की बहाली

रामगढ़ जिले में होमगार्ड के 284 पदों पर बहाली होनी है. इसके लिए प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू होगी. बहाली की तैयारी में जुटी इन ग्रामीण महिलाओं के लिए यह मौका सिर्फ नौकरी पाने का नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और हौसले को साबित करने का भी है. साड़ी में 1600 मीटर दौड़ने वाली सुनीता देवी और जागेश्वरी कुमारी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. लेकिन इस कहानी का असली चेहरा वायरल वीडियो से आगे है-कम साधन, खेती-किसानी की जिंदगी और सुबह चार बजे से शुरू होने वाली तैयारी के बीच सरकारी नौकरी का सपना देखतीं गांव की महिलाएं. इन महिलाओं ने यह जरूर दिखा दिया कि दौड़ के लिए मैदान और हौसले की जरूरत होती है, महंगे ट्रैकसूट की नहीं.



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