Alwar News: अलवर नगर निगम में महापौर पति की दबंगई पर सवाल, सफाईकर्मी से बोले- ‘नियुक्ति ऑर्डर मैं करवा दूंगा’

Alwar News: अलवर नगर निगम में महापौर पति की दबंगई पर सवाल, सफाईकर्मी से बोले- ‘नियुक्ति ऑर्डर मैं करवा दूंगा’


अलवर. राजस्थान के अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के अनुभव प्रमाण पत्र का विवाद अब महज कर्मचारियों की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने महापौर के अधिकारों और उनके पति की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सोमवार को अनुभव प्रमाण पत्र की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल जब महापौर सुमन लता अग्रवाल से मिलने पहुंचा, तो बैठक में महापौर के साथ उनके पति अजय अग्रवाल भी मौजूद थे. वीडियो में महापौर के बगल में कुर्सी लगाकर बैठे अजय अग्रवाल कर्मचारियों को दिशा-निर्देश देते नजर आ रहे हैं, जबकि महापौर इस दौरान लगभग चुप बैठी दिखाई देती हैं.

अजय अग्रवाल कर्मचारियों से नियमों के तहत आगे बढ़ने की बात कहते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि मेयर उनके साथ हैं. इसी दौरान वह कर्मचारियों से मेयर से नियुक्ति आदेश करवाने की बात भी कहते सुनाई देते हैं. हालांकि बाद में वह खुद कहते हैं कि नियुक्ति से जुड़ी पावर उनके पास नहीं है. इस बातचीत के सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि महापौर की मौजूदगी में उनके पति कर्मचारियों को किस हैसियत से आश्वासन और दिशा-निर्देश दे रहे थे.

कर्मचरियों से बोले- मेयर पर संशय मत करो

मामला यहीं नहीं रुका. बातचीत के दौरान अजय अग्रवाल ने कर्मचारियों से कहा, “आप नियमों में रहकर काम करें, हम तो सबको देने को तैयार हैं. हमें तो चाहिए आदमी भाई, शहर को सुधारना है और सुधार भी आप सकते हो. उन्होंने आगे कहा कि ”मैं रोज-रोज माथापच्ची क्यों मारूंगा] ठेकेदारों से रोज? जब आप काम करने वाले होगे, तो मेरे घर के लोग होगे. मेयर पर संशय मत करो, मैं आपके साथ खड़ा हूं हमेशा”. इस बातचीत में अजय अग्रवाल कर्मचारियों को भरोसा दिलाते नजर आए कि उनके पक्ष में महापौर स्तर पर बात रखी जाएगी. कर्मचारियों की मुख्य मांग अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें इसका लाभ मिल सके.

900 सफाईकर्मियों का भविष्य अधर में है

अजय अग्रवाल ने कर्मचारियों से यहां तक कहा कि ”तुम तो चिट में बैठाने के लिए ले आओ, मैं मेयर साहब से नियुक्ति ऑर्डर ही करवा दूंगा”. हालांकि इसी बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि ”यह पावर मेरे पास है नहीं… सरकार दे तो सही.” इसके बाद बातचीत में यह भी सामने आया कि अनुभव के आधार पर कर्मचारियों के पक्ष में महापौर स्तर से सरकार के सामने बात रखने की बात कही गई. सफाई कर्मचारियों के अनुभव प्रमाण पत्र का मुद्दा गंभीर इसलिए भी है, क्योंकि इससे करीब 900 सफाईकर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. कर्मचारी अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं. सोमवार को इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने नगर निगम में प्रदर्शन किया था. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने महापौर से मुलाकात की.

महापौर की कुर्सी के बराबर ‘सिस्टम’ कौन चला रहा?

पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर निगम की निर्वाचित महापौर की मौजूदगी में उनके पति कर्मचारियों को निर्देश देने की भूमिका में क्यों नजर आए? वीडियो में महापौर के बगल में बैठे अजय अग्रवाल बातचीत को आगे बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं. कर्मचारियों से संवाद, भरोसा दिलाने और नियुक्ति आदेश करवाने की बात तक उनके द्वारा कही जा रही है. नगर निगम के कामकाज में निर्वाचित महापौर का संवैधानिक एवं प्रशासनिक दायरा तय है.

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि महापौर की मौजूदगी में उनके पति किस हैसियत से कर्मचारियों को आश्वासन और निर्देश दे रहे थे? क्या नगर निगम में फैसलों की कमान निर्वाचित महापौर के हाथ में है या पर्दे के पीछे कोई और व्यवस्था चल रही है? वीडियो में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अजय अग्रवाल खुद कहते सुनाई दे रहे हैं “यह पावर मेरे पास है नहीं”. इसके बावजूद इससे पहले वह कर्मचारियों से मेयर से नियुक्ति आदेश करवाने की बात कहते हैं. यही विरोधाभास अब पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है.



Source link