मोतिहारी: शराब तस्कर को केक खिलाते थानेदार की तस्वीर ने खोली ‘काले खेल’ की पोल, फोटो वायरल हुई तो एसपी ने की छुट्टी

मोतिहारी: शराब तस्कर को केक खिलाते थानेदार की तस्वीर ने खोली ‘काले खेल’ की पोल, फोटो वायरल हुई तो एसपी ने की छुट्टी


Last Updated:

Motihari News: बिहार में शराबबंदी है! शराब बेचने वाला पकड़ा जाता है, शराब पीने वाला जेल जाता है और शराब की एक बोतल भी मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है. लेकिन मोतिहारी से सामने आई दो तस्वीरों ने इसी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. मोतिहारी में शराब माफियाओं और पुलिस की सांठगांठ की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

Zoom

मोतिहारी में पिपरा थानाध्यक्ष सतीश कुमार की शराब माफिया बिट्टू कुमार के साथ बर्थडे पार्टी, एसपी ने सस्पेंड किया

पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा थाना प्रभारी सतीश कुमार और शराब तस्कर बिट्टू कुमार के बर्थडे पार्टी मनाते और केक खिलाते फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई है. इस फोटो ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. तस्वीरों में पिपरा थाने के थानाध्यक्ष सतीश कुमार और दारोगा विपिन कुमार एक ऐसे शख्स के साथ नजर आ रहे हैं, जिसे पुलिस रिकॉर्ड में शराब से जुड़े मामलों का आरोपी बताया गया है. वायरल तस्वीर में पुलिसकर्मी उसे केक खिलाते भी दिख रहे हैं. हालांकि, मामला सामने आने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने जांच कराई और प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया.

जिस पर शराब तस्करी का केस, उसी के साथ पुलिस की पार्टी

पुलिस जांच में तस्वीर में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के महारानी गांव निवासी बिट्टू कुमार के रूप में हुई. पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ शराब से जुड़े मामले दर्ज हैं. पिपरा थाने में उसके खिलाफ कांड संख्या 304/24 और गोपालगंज उत्पाद थाना में कांड संख्या 167/20 दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. यानी जिस व्यक्ति के खिलाफ शराबबंदी कानून के तहत मामले दर्ज हैं, उसी के साथ थाना प्रभारी और दारोगा की नजदीकी तस्वीरों में दिखाई दी.

सवाल सिर्फ तस्वीर का नहीं, रिश्ते का है

हालांकि, किसी पुलिसकर्मी का किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर में दिख जाना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता. लेकिन यहां मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में उस व्यक्ति की पहचान शराब तस्करी से जुड़े आरोपी के रूप में हुई और पुलिस अधिकारियों के उसके साथ किसी उत्सव में शामिल होने की बात सामने आई. यही वजह है कि एसपी ने इसे गंभीर मानते हुए दोनों को निलंबित किया. पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि विभाग ने इस व्यवहार को सामान्य नहीं माना.

मोतिहारी में यह पहली बार नहीं

मोतिहारी में शराब तस्करों और पुलिस के बीच कथित मिलीभगत को लेकर पहले भी कार्रवाई होती रही है. सितंबर में पहाड़पुर के थानाध्यक्ष अजय कुमार को शराब तस्करों से सांठगांठ, हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था. इससे पहले कोटवा, रामगढ़वा, लखौरा, कुड़वा चैनपुर समेत कई थाना प्रभारियों को एसपी ने इसलिए हटाया था क्योंकि उनका संपर्क माफिया और शराब तस्करों के साथ था. आरोप है कि इन लोगों ने माफियाओं के साथ मिलकर जनता को लूटने का काम किया. साफ है कि पहले भी जिले के अलग-अलग थानों की पुलिसिंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

गरीब शराबी जेल में, माफिया से पुलिस की दोस्ती क्यों?

दरअसल, शराबबंदी की सबसे बड़ी परीक्षा सड़क पर नहीं, थाने के स्तर पर होती है. एक तरफ शराब पीने या शराब रखने के आरोप में गरीब और आम लोगों पर कार्रवाई होती है. दूसरी तरफ अगर शराब के कारोबार से जुड़े व्यक्ति के साथ पुलिस अधिकारी सार्वजनिक रूप से पार्टी करते दिखें तो आम आदमी के मन में कानून की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.



Source link