Russia Pneumonic Plague Infection: Mystery Disease| रूस में प्लेग की आशंका से हड़कंप अस्पताल सील सैकड़ों लोग क्वारंटाइन पड़ोसी देशों में हाई अलर्ट

Russia Pneumonic Plague Infection: Mystery Disease| रूस में प्लेग की आशंका से हड़कंप अस्पताल सील सैकड़ों लोग क्वारंटाइन पड़ोसी देशों में हाई अलर्ट


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रूस में प्लेग की आशंका से हड़कंप, अस्पताल सील, पड़ोसी देशों में हाई अलर्ट

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Russia Pneumonic Plague Infection: रूस में जब से प्लेग रिसर्च लैब में एक महिला की मौत हुई है, तब से हड़कंप मचा हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि महिला को प्लेग हुआ था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं. अस्पतालों में 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है, जबकि पड़ोसी देशों ने सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है.

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रूस में प्लेग फैलने की आशंका से हड़कंप. (रॉयटर्स)

Russia Plague Outbreak: रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक महिला लैब कर्मचारी की गंभीर निमोनिया से मौत के बाद संभावित प्लेग को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि अभी तक रूस या विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यह पुष्टि नहीं की है कि महिला की मौत प्लेग के कारण हुई थी और मामले की जांच जारी जारी है. मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि महिला ऐसे संस्थान में काम करती थी जहां प्लेग पैदा करने वाले बैक्टीरिया येरसिनिया पेस्टीज पर शोध किया जाता है. कुछ स्थानीय रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि महिला प्रयोगशाला में काम के दौरान इस बैक्टीरिया के संपर्क में आई हो सकती है.

हालांकि रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने न तो प्लेग की पुष्टि की है और न ही किसी प्रयोगशाला दुर्घटना की जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक इरकुत्स्क क्षेत्र में स्थित एक एंटी-प्लेग रिसर्च संस्थान में काम करने वाली 28 वर्षीय महिला लैब कर्मचारी की 2 अक्टूबर को मौत हुई. रिपोर्टों में उसकी पहचान दारिया शिपिलोवा के रूप में बताई गई है. महिला को गंभीर निमोनिया था और उसकी बीमारी के कारणों की जांच की जा रही है.

करीब 200 लोगों की निगरानी

सावधानी के तौर पर महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. स्थानीय रिपोर्टों की मानें तो करीब 200 लोगों को निगरानी में रखा गया है. यहां तक कि कुछ अस्पतालों में नए मरीजों की एंट्री भी रोक दी गई है और कुछ को बंद कर दिया है.अब तक इनमें से किसी में बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं. कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा और क्वारंटीन उपाय भी किए गए हैं. हालांकि रूस की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनाद्जोर ने बताया है कि महिला को अज्ञात कारणों से होने वाला निमोनिया था. उसके सैंपल की विस्तृत जांच की गई लेकिन शुरुआती परीक्षणों में उसके काम से जुड़े किसी बैक्टीरिया का पता नहीं चला. अधिकारियों के मुताबिक इरकुत्स्क और आसपास के शेलेखो इलाके में महामारी की स्थिति फिलहाल सामान्य है.

महिला रिसर्चर की मौत के बाद बवाल. (सांकेतिक तस्वीर)

WHO ने रखी हुई है नजर

WHO ने कहा है कि वह रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और मौत की परिस्थितियों, प्रयोगशाला जांच तथा संपर्क में आए लोगों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटा रहा है. WHO की दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल आम लोगों के लिए जोखिम कम दिखाई दे रहा है, लेकिन नई जानकारी मिलने पर स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा. वहीं अमेरिका भी स्थिति पर नजर रखे हुए है.

आस-पास के देश हुए सतर्क

रूस में प्लेग फैलने की आशंका ने यूरोप और रूस के पड़ोसी देशों को भी हाई अलर्ट पर ला दिया है. मध्य एशियाई देशों कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान ने अपनी सीमाओं पर पहरा बढ़ा दिया है और मेडिकल कंट्रोल को और सख्त कर दिया है. किर्गिस्तान में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी सीमा चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा है. यहां तक कि सीमा पार करने वाले यात्रियों, वाहनों और सामानों पर नजर रखी जा रही है.

क्या है न्यूमोनिक प्लेग?

न्यूमोनिक प्लेग प्लेग का वह रूप है जिसमें संक्रमण फेफड़ों को प्रभावित करता है. यह येरिनिया पेस्टीज नामक बैक्टीरिया के कारण होता है और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. समय पर पहचान होने पर इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मामले को अभी प्लेग का प्रकोप कहना जल्दबाजी होगी. भारत में भी लोगों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रूस में संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है और बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है.



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