अचानक आया खर्च तो नहीं पड़ेगी लोन या उधारी की जरूरत, ऐसे में काम आता है ‘इमरजेंसी फंड’, कमाई का इतना हिस्सा करें अलग

अचानक आया खर्च तो नहीं पड़ेगी लोन या उधारी की जरूरत, ऐसे में काम आता है ‘इमरजेंसी फंड’, कमाई का इतना हिस्सा करें अलग


दिल्ली. जिंदगी में कब कौन सी जरूरत अचानक सामने आ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. कभी परिवार में किसी की तबीयत खराब हो जाती है, कभी अचानक कोई दुर्घटना हो जाती है और कई बार अच्छी खबर भी ऐसी आर्थिक जरूरत लेकर आती है, जिसके लिए तुरंत बड़ी रकम चाहिए होती है. ऐसे समय में अगर आपके पास पहले से अलग रखा हुआ पैसा है, तो आपको लोन या किसी से उधार लेने की जरूरत नहीं पड़ती. इसी को कहा जाता है इमरजेंसी फंड.

इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, एक आम व्यक्ति को अपनी कमाई का करीब एक-तिहाई यानी 33 से 35 फीसदी हिस्सा इमरजेंसी फंड के तौर पर अलग रखना चाहिए. यह पैसा रोजमर्रा के खर्च के लिए नहीं, बल्कि अचानक आने वाली जरूरतों के लिए होना चाहिए. इसे घर में कैश रखने के बजाय ऐसी जगह रखना बेहतर है, जहां जरूरत पड़ने पर पैसा जल्दी निकाला जा सके.

बैंक FD में रख सकते हैं पैसा
इमरजेंसी फंड को पूरी तरह कैश के रूप में रखने की जरूरत नहीं है. इसे बैंक की FD या ऐसे विकल्प में रखा जा सकता है, जहां जरूरत पड़ने पर जल्दी पैसा निकाला जा सके. मकसद यह है कि जब अचानक बड़ी रकम की जरूरत पड़े तो आपका पैसा आसानी से उपलब्ध हो.

बीमारी या दुर्घटना में आएगा काम
इमरजेंसी फंड का सबसे आम इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी में हो सकता है. परिवार में किसी सदस्य को गंभीर बीमारी हो जाए या अचानक इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ जाए, तो इस फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी तरह किसी दुर्घटना की स्थिति में भी यह पैसा आर्थिक सहारा देता है.

हर इमरजेंसी फंड बुरी नहीं होती
खास बात यह है कि इमरजेंसी फंड सिर्फ बीमारी, दुर्घटना या किसी परेशानी के लिए ही नहीं होता. कई बार जिंदगी में कोई अच्छा मौका अचानक सामने आ जाता है और उसके लिए भी पैसों की जरूरत पड़ती है. मान लीजिए आपका बेटा या बेटी लंबे समय से किसी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है. दो साल तक सफलता नहीं मिली, लेकिन अचानक वह परीक्षा में सफल हो गया. अब जिस कोर्स या संस्थान में दाखिला मिला है, वहां 5 या 10 लाख रुपये की फीस जमा करनी है. ऐसे समय में इमरजेंसी फंड आपकी मदद कर सकता है.

इसी तरह अगर आप कोई प्रोफेशनल काम या बिजनेस करते हैं और अचानक कोई बड़ा ऑर्डर मिल जाता है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए शुरुआती पूंजी की जरूरत है, तो इस फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है.

पैसा निकालने के बाद सबसे जरूरी काम
इमरजेंसी फंड इस्तेमाल करने के बाद सबसे जरूरी नियम है कि उसे दोबारा भरना शुरू करें. यानी जितनी रकम आपने फंड से निकाली है, उतनी रकम को धीरे-धीरे फिर से जमा करें. फंड का इस्तेमाल करने के बाद उसे खाली छोड़ देना सही रणनीति नहीं है, क्योंकि अगली जरूरत कभी भी सामने आ सकती है.

इसलिए इमरजेंसी फंड को अपनी कमाई का एक हिस्सा मानकर चलें और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के बाद उसे दोबारा तैयार करें. यही आदत अचानक आने वाले बड़े खर्च के समय आपकी आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद कर सकती है.



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